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जानवर की कमी से पिंजरे में नहीं फंसा तेंदुआ
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:43 PM IST
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बागेश्वर। वन विभाग ने बृहस्पतिवार रात तेंदुए द्वारा एक बच्ची की जान लेने के बाद उसे पकड़ने के लिए वहां पिंजरा लगा तो दिया है, लेकिन पिंजरे के भीतर शिकार का इंतजाम नहीं होने से तेंदुआ आसपास भी नहीं फटका। तेंदुए के पकड़ में नहीं आने से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को शीघ्र पकड़ने की मांग की है।
मालूम हो कि बृहस्पतिवार की रात दैलेख जिला, भैरी आंचल नेपाल निवासी देवेंद्र नाथ की तीन साल की बेटी सरिता को तेंदुए ने मार डाला था। इस घटना से ग्रामीण काफी भयभीत हैं। डर से महिलाओं और बच्चों का अकेेलेे में इधर-उधर जाना बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है तेंदुआ शुक्रवार की रात भी गांव में गुर्राता रहा। इधर धरमघर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नारायण दत्त पांडेय ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए तुपेड़ गांव में पिंजरा लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पिंजरे में रखने के लिए शुक्रवार को कुत्ता और बकरी का इंतजाम नहीं हो सका, अब इंतजाम हो गया है, जल्दी ही तेंदुआ पकड़ में आ जाएगा।
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मालूम हो कि बृहस्पतिवार की रात दैलेख जिला, भैरी आंचल नेपाल निवासी देवेंद्र नाथ की तीन साल की बेटी सरिता को तेंदुए ने मार डाला था। इस घटना से ग्रामीण काफी भयभीत हैं। डर से महिलाओं और बच्चों का अकेेलेे में इधर-उधर जाना बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है तेंदुआ शुक्रवार की रात भी गांव में गुर्राता रहा। इधर धरमघर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नारायण दत्त पांडेय ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए तुपेड़ गांव में पिंजरा लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पिंजरे में रखने के लिए शुक्रवार को कुत्ता और बकरी का इंतजाम नहीं हो सका, अब इंतजाम हो गया है, जल्दी ही तेंदुआ पकड़ में आ जाएगा।
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