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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   15th selection for modeling of Anganwadi centers

15 आंगनबाड़ी केेंद्रो का मॉडल बनाने के लिए हुआ चयन

Tue, 02 Jan 2018 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर। Updated Tue, 02 Jan 2018 10:37 PM IST
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डीएम रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में मंगलवार को बाल विकास विभाग की बैठक में जिले के तीनों ब्लॉकों में पांच-पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल बनाने के लिए चयनित किया गया। डीएम ने कहा कि इन केंद्रों को मॉडल आगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

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कलक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में बागेश्वर ब्लॉक से करूली, पंद्रहपाली, पासदेव, नदीगांव, बिलौना, कपकोट से फरसाली, दुलम, शेरी, पचार, बैसानी, जबकि गरुड़ ब्लॉक से गढ़सेर, उड़खुली, लखनी, मजकोट, नौकाना खुमटिया का चयन किया गया।
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डीएम ने विभागीय भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों में बच्चों के बैठने, खेलने-पढ़ने और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। केंद्रो के सृजन के बाद अच्छे परिणाम के आधार पर चरणबद्ध तरीके से जनपद के अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों को भी मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मॉडल केद्रों में स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्यवर्द्धक, भोजन की व्यवस्था की जाएगी। चयनित आंगनबाड़ी केंदों में डीएम के द्वारा बच्चों के लिए कुर्सी, टेबल, प्रेशर कुकर, दरी, एलपीजी गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, वाटर प्यूरीफायर, बच्चों के खिलौने, झूला आदि प्रत्येक चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों को प्रथम फेस में दिया जाएगा।
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बैठक में डीएम ने कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की भी जानकारी ली। जिला बाल विकास अधिकारी ने बताया कि जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की कुल संख्या 33 है। आरयूटीएफ कार्यक्रम के संचालन के लिए शासन से धनराशि आवंटित नहीं हुई है। इसपर डीएम ने तीन माह की व्यवस्था के लिए धनराशि की व्यवस्था जिला स्तर पर करने के निर्देश दिए।


महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के अंतर्गत जिले में पंजीकृत आईसीडीएस द्वारा तैयार मेन्यू के अनुसार आरयूटीएफ पोषाहार सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। सभी कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए प्रयास करें, ताकि वर्ष 2018 में जनपद को कुपोषण से मुक्त किया जा सके। वहां सीडीओ एसएसएस पांगती, जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह आदि मौजूद थे। 

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