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आदमखोर के न पकड़े जाने के विरोध में युकां ने जलाया सीएम का पुतला
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:57 PM IST
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बागेश्वर। द्यांगण गांव में सात दिन पहले एक मासूम को मारने वाले तेंदुए के अभी तक नहीं पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। बुधवार गुस्साए युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेेबाजी के कर द्यांगण बाईपास पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला फूंका। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने आदमखोर के आतंक से शीघ्र निजात न मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष दर्शन कठायत के नेतृत्व में बुधवार को सुबह युकां कार्यकर्ता द्यांगण बाईपास के समीप एकत्रित हो गए। उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। सीएम का पुतला फूंका। वक्ताओं ने कहा कि सात दिन पहले आदमखोर तेंदुए ने द्यांगण गांव निवासी राम सिंह कठायत के सात वर्षीय पुत्र करन मार दिया था। इसके दो दिन बाद तेंदुुए के भय से खाई में गिरने से किशोर हेमंत की मौत हो गई। इसके बावजूद वन विभाग न तो तेंदुए को पकड़ सका है और न ही तेंदुआ शिकारियों के हत्थे चढ़ पाया है। नगर से लेकर गांव तक आदमखोर की दहशत बनी है।
प्रदेश के मुखिया भी इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। चेताया कि हालात यूं ही रहे तो शासन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। पुतला जलाने वालों में उपाध्यक्ष ईश्वर पांडे, महासचिव कैलाश पंवार, ईश्वर पांडे, हेम टंगड़िया, देवेेंद्र बघरी, प्रेम प्रकाश पाठक, कुलदीप मेहता, पनी राम, नरेंद्र राम, संजय चन्याल, गणेश कुमार और प्रवीण रौतेला शामिल थे।
जिलाध्यक्ष दर्शन कठायत के नेतृत्व में बुधवार को सुबह युकां कार्यकर्ता द्यांगण बाईपास के समीप एकत्रित हो गए। उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। सीएम का पुतला फूंका। वक्ताओं ने कहा कि सात दिन पहले आदमखोर तेंदुए ने द्यांगण गांव निवासी राम सिंह कठायत के सात वर्षीय पुत्र करन मार दिया था। इसके दो दिन बाद तेंदुुए के भय से खाई में गिरने से किशोर हेमंत की मौत हो गई। इसके बावजूद वन विभाग न तो तेंदुए को पकड़ सका है और न ही तेंदुआ शिकारियों के हत्थे चढ़ पाया है। नगर से लेकर गांव तक आदमखोर की दहशत बनी है।
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प्रदेश के मुखिया भी इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। चेताया कि हालात यूं ही रहे तो शासन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। पुतला जलाने वालों में उपाध्यक्ष ईश्वर पांडे, महासचिव कैलाश पंवार, ईश्वर पांडे, हेम टंगड़िया, देवेेंद्र बघरी, प्रेम प्रकाश पाठक, कुलदीप मेहता, पनी राम, नरेंद्र राम, संजय चन्याल, गणेश कुमार और प्रवीण रौतेला शामिल थे।
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