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आदमखोर की तलाश में जंगलों में सर्च अभियान
Updated Tue, 13 Nov 2018 01:00 AM IST
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बागेश्वर। आदमखोर के आतंक से लोगों को निजात दिलाने के लिए शिकारियों और वन कर्मियों की टीम ने सर्च अभियान शुरू कर दिया गया है। शिकारियों और वन कर्मियों की टीम जंगलों में आदमखोर को ट्रैस करने में जुटी हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में झाड़ियों को साफ करने और हमलों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू हो गया है।
सोमवार को वन विभाग की टीम और शिकारियों ने नगर से सटे जंगलों में आदमखोर की टोह ली। इस दौरान आदमखोर को पकड़ने या फिर ट्रैंकुलाइज करने की रणनीति के अंतर्गत तेंदुए के ठिकाने और आवाजाही वाले स्थानों को ट्रैस किया गया। वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों से झाड़ियों का कटान भी शुरू कर दिया। दरअसल नगर और आसपास उगी झाड़ियां तेंदुए के छिपने के लिए मुफीद साबित हो रही हैं। इसे देखते हुए प्रशासन से सभी विभागों से अपने परिसर में झाड़ियों की सफाई के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर वन विभाग ने साथ ही हमलों से बचाव के लिए पर्चे बांटकर जागरूक करने की कोशिश की। इसके अंतर्गत क्षेत्रवासियों को बताया कि गया कि कैसे हमलों से बचाव किया जा सकता है। बता दें कि द्यांगण गांव समेत नगर और आस पास के नुमाइशखेत, चौरासी, तहसील रोड, नदीगांव आदि में बीते कई महीनों से तेेंदुए का आतंक बना हुआ है। बागेश्वर में दो माह के भीतर ही आदमखोर के हमलों में तीन की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
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पौड़ी के जॉय ह्विकल भी संभालेंगे मोर्चा
बागेश्वर। पौड़ी के शिकारी जॉय ह्विकल भी आदमखोर को मारने के लिए बागेश्वर में मोर्चा संभालेंगे। सोमवार की देर सायं जाँय बागेश्वर पहुंच चुके हैं। शिकारी रवींद्र सिंह पहले से ही बागेश्वर में मोर्चा संभाले हुए हैं। ट्रेंकुलाइज टीम के केवलानंद पांडेय भी आदमखोर की लोकेशन ट्रैस कर रहे हैं। पकड़ने के लिए पांच स्थानों पर पिंजरे भी लगाए गए हैं। ब्यूरो
आज पहुंचेंगे शिकारी लखपत
बागेश्वर। आदमखोर से निपटने के लिए तीसरे शिकारी लखपत सिंह भी मंगलवार तक बागेश्वर पहुंचकर मोर्चा संभालेंगे। रवींद्र सिंह और जॉय ह्विकल के रूप में दो शिकारी पहले ही बागेश्वर तैनात किए जा चुके हैं। प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने बताया कि पहले आदमखोर को ट्रेकुलाइज करने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद भी काबू में नहीं आया तो ढेर करने की रणनीति बनाई जाएगी। ब्यूरो
पुलिस व राजस्व विभाग संयुक्त टीम गठित की
बागेश्वर। आदमखोर से निपटने के लिए प्रशासन सचेत हो गया है। हमलों की रोकथाम के लिए वन विभाग के साथ ही पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त टीम का गठन किया गया है। ये टीम प्रभावित क्षेत्रों में हमलों की रोकथाम की दिशा में काम करेंगी।
सोमवार को डीएम रंजना राजगुरु टीम गठित करने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में सुबह पांच बजे से आठ बजे तक और शाम पांच बजे से रात दस बजे तक गश्त के निर्देश दिए। तय हुआ कि वन दरोगा प्रयाग दत्त भट्ट के नेतृत्व में टीम नदीगांव, मजियाखेत, बागनाथ, कठायतबाड़ा में गश्त करेगी। दूसरी टीम भानु प्रकाश हर्बोला के नेतृत्व में तहसील रोड से बिलौना तक जबकि तीसरी टीम शंकर दत्त पांडे के नेतृत्व में विकास भवन से चंडिका, नुमाइशखेत तक गश्त करेगी। इस दौरान हमलों की रोकथाम के लिए काम किया जाएगा। तीनों टीमें रोजाना की गई कार्यवाईयों की रिपोर्टिंग डीएम को करेंगी।
सोमवार को वन विभाग की टीम और शिकारियों ने नगर से सटे जंगलों में आदमखोर की टोह ली। इस दौरान आदमखोर को पकड़ने या फिर ट्रैंकुलाइज करने की रणनीति के अंतर्गत तेंदुए के ठिकाने और आवाजाही वाले स्थानों को ट्रैस किया गया। वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों से झाड़ियों का कटान भी शुरू कर दिया। दरअसल नगर और आसपास उगी झाड़ियां तेंदुए के छिपने के लिए मुफीद साबित हो रही हैं। इसे देखते हुए प्रशासन से सभी विभागों से अपने परिसर में झाड़ियों की सफाई के निर्देश दिए हैं।
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दूसरी ओर वन विभाग ने साथ ही हमलों से बचाव के लिए पर्चे बांटकर जागरूक करने की कोशिश की। इसके अंतर्गत क्षेत्रवासियों को बताया कि गया कि कैसे हमलों से बचाव किया जा सकता है। बता दें कि द्यांगण गांव समेत नगर और आस पास के नुमाइशखेत, चौरासी, तहसील रोड, नदीगांव आदि में बीते कई महीनों से तेेंदुए का आतंक बना हुआ है। बागेश्वर में दो माह के भीतर ही आदमखोर के हमलों में तीन की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
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पौड़ी के जॉय ह्विकल भी संभालेंगे मोर्चा
बागेश्वर। पौड़ी के शिकारी जॉय ह्विकल भी आदमखोर को मारने के लिए बागेश्वर में मोर्चा संभालेंगे। सोमवार की देर सायं जाँय बागेश्वर पहुंच चुके हैं। शिकारी रवींद्र सिंह पहले से ही बागेश्वर में मोर्चा संभाले हुए हैं। ट्रेंकुलाइज टीम के केवलानंद पांडेय भी आदमखोर की लोकेशन ट्रैस कर रहे हैं। पकड़ने के लिए पांच स्थानों पर पिंजरे भी लगाए गए हैं। ब्यूरो
आज पहुंचेंगे शिकारी लखपत
बागेश्वर। आदमखोर से निपटने के लिए तीसरे शिकारी लखपत सिंह भी मंगलवार तक बागेश्वर पहुंचकर मोर्चा संभालेंगे। रवींद्र सिंह और जॉय ह्विकल के रूप में दो शिकारी पहले ही बागेश्वर तैनात किए जा चुके हैं। प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने बताया कि पहले आदमखोर को ट्रेकुलाइज करने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद भी काबू में नहीं आया तो ढेर करने की रणनीति बनाई जाएगी। ब्यूरो
पुलिस व राजस्व विभाग संयुक्त टीम गठित की
बागेश्वर। आदमखोर से निपटने के लिए प्रशासन सचेत हो गया है। हमलों की रोकथाम के लिए वन विभाग के साथ ही पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त टीम का गठन किया गया है। ये टीम प्रभावित क्षेत्रों में हमलों की रोकथाम की दिशा में काम करेंगी।
सोमवार को डीएम रंजना राजगुरु टीम गठित करने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में सुबह पांच बजे से आठ बजे तक और शाम पांच बजे से रात दस बजे तक गश्त के निर्देश दिए। तय हुआ कि वन दरोगा प्रयाग दत्त भट्ट के नेतृत्व में टीम नदीगांव, मजियाखेत, बागनाथ, कठायतबाड़ा में गश्त करेगी। दूसरी टीम भानु प्रकाश हर्बोला के नेतृत्व में तहसील रोड से बिलौना तक जबकि तीसरी टीम शंकर दत्त पांडे के नेतृत्व में विकास भवन से चंडिका, नुमाइशखेत तक गश्त करेगी। इस दौरान हमलों की रोकथाम के लिए काम किया जाएगा। तीनों टीमें रोजाना की गई कार्यवाईयों की रिपोर्टिंग डीएम को करेंगी।