{"_id":"5bb8f9b7867a5568106b332a","slug":"151538849207-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेल के आने पर ही बदलेगी जिले की तस्वीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेल के आने पर ही बदलेगी जिले की तस्वीर
Updated Sat, 06 Oct 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बागेश्वर। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर यहां चल रहा आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। आंदोलन में कूदी महिलाओं ने कहा कि रेल लाइन का निर्माण होने पर ही जिले की तस्वीर बदलेगी। एक सूत्री मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी।
आंदोलन के तहत शनिवार को मंडलसेरा की लक्ष्मी धर्मशक्तू, नौघर की तायराबानो और मेलाडुंगरी गांव की ललिता असवाल क्रमिक अनशन पर बैठी। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता और महासचिव खड़क राम आर्य के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि अब तक की सरकारों द्वारा इस क्षेत्र की लंबे समय से की जा रही है। रेल लाइन बनने से ही जिले के विकास, रोजगार और पर्यटन को नए पंख लगेंगे। वहां संरक्षक गोविंद भंडारी, बसंत जोशी, पार्वती पांडे, सरस्वती गैलाकोटी, दिनेश लोहनी, रमेश भंडारी, कमला जोशी, महेश कांडपाल, किशन दानू, कमल टंगड़िया थे। ब्यूरो
आंदोलन के तहत शनिवार को मंडलसेरा की लक्ष्मी धर्मशक्तू, नौघर की तायराबानो और मेलाडुंगरी गांव की ललिता असवाल क्रमिक अनशन पर बैठी। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता और महासचिव खड़क राम आर्य के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि अब तक की सरकारों द्वारा इस क्षेत्र की लंबे समय से की जा रही है। रेल लाइन बनने से ही जिले के विकास, रोजगार और पर्यटन को नए पंख लगेंगे। वहां संरक्षक गोविंद भंडारी, बसंत जोशी, पार्वती पांडे, सरस्वती गैलाकोटी, दिनेश लोहनी, रमेश भंडारी, कमला जोशी, महेश कांडपाल, किशन दानू, कमल टंगड़िया थे। ब्यूरो
विज्ञापन