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मनरेगा कर्मी अड़े, विधायक की अपील को ठुकराया
Updated Fri, 23 Feb 2018 10:53 PM IST
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बागेश्वर। रोजगार सहायक कैलाश चंद्र की संदिग्ध परिस्थतियों में हुई मौत के मामले को लेकर मनरेगा कर्मियों का विकास भवन परिसर में धरना दूसरे दिन भी जा रहा। विधायक, सीडीओ और डीडीओ ने धरना स्थल पर जाकर आंदोलनरत कर्मियों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की, लेकिन कर्मचारियों को उनकी अपील को ठुकरा दिया। ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल समेत कई लोगों ने भी कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया।
शुक्रवार को भी मनरेगा कर्मियों ने विकास भवन परिसर में धरना देकर अपनी मांगों को लेकर शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरना स्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक चंदन राम दास ने धरना स्थल पर जाकर रोजगार सहायक कैलाश चंद्र की मौत दुख जताया। उन्होंने कर्मचारियों से आंदोलन को समाप्त करने की अपील की। कहा कि कर्मचारी अपने मांग पत्र में रोजगार सहायक कैलाश चंद्र के परिजनों को मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, उसके बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने आदि मांगों शामिल करें। मांग पत्र में मनरेगा कर्मियों की विभिन्न मागों को शामिल कर राजनीति न करें। मनरेगा कर्मियों का कहना था कि उनकी मांगें नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान सीडीओ एसएसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी भी मौजूद थे। वहीं, बागेश्वर के ब्लाक प्रमुख रेखा खेतवाल, कनिष्ठ प्रमुख सुनीता टम्टा, प्रकाश कोहली आदि ने भी धरना स्थल पर जाकर आंदोलन को समर्थन दिया। धरना देने वालों में धीरज सिंह, देवकी नंदन जोशी, हिमांशू नेगी, चंद्र मोहन जोशी, लक्ष्मण राम आर्य आदि शामिल थे। इधर, अंबेडकर चेतना मंच ने डीएम को ज्ञापन देकर मौत की जांच रेगुलर पुलिस से कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मंच के संरक्षक किशन विश्वकर्मा, राजेंद्र प्रसाद, प्रमोद कुमार आदि थे।
मनरेगा कर्मियों ने ब्लॉक कार्यालय में की तालाबंदी
रोजगार सहायक कैलाश चंद्र के परिजनों को मुआवजा देने समेत कई मांगों को लेकर मनरेगा कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए ब्लॉक कार्यालय में तालाबंदी की। इस दौरान उन्होंने मामले में शासन के रवैये के खिलाफ नारेबाजी की। तालाबंदी से ब्लॉक कार्यालय में दिनभर कार्य बाधित रहा। तालाबंदी करने वालों में गणेश सिंह, विशाल नेगी, हिमांशू नेगी, दीवान सिंह, विक्की मिश्रा, नीरज गोस्वामी, अखिलेश कर्नाटक आदि थे।
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शुक्रवार को भी मनरेगा कर्मियों ने विकास भवन परिसर में धरना देकर अपनी मांगों को लेकर शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरना स्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक चंदन राम दास ने धरना स्थल पर जाकर रोजगार सहायक कैलाश चंद्र की मौत दुख जताया। उन्होंने कर्मचारियों से आंदोलन को समाप्त करने की अपील की। कहा कि कर्मचारी अपने मांग पत्र में रोजगार सहायक कैलाश चंद्र के परिजनों को मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, उसके बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने आदि मांगों शामिल करें। मांग पत्र में मनरेगा कर्मियों की विभिन्न मागों को शामिल कर राजनीति न करें। मनरेगा कर्मियों का कहना था कि उनकी मांगें नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान सीडीओ एसएसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी भी मौजूद थे। वहीं, बागेश्वर के ब्लाक प्रमुख रेखा खेतवाल, कनिष्ठ प्रमुख सुनीता टम्टा, प्रकाश कोहली आदि ने भी धरना स्थल पर जाकर आंदोलन को समर्थन दिया। धरना देने वालों में धीरज सिंह, देवकी नंदन जोशी, हिमांशू नेगी, चंद्र मोहन जोशी, लक्ष्मण राम आर्य आदि शामिल थे। इधर, अंबेडकर चेतना मंच ने डीएम को ज्ञापन देकर मौत की जांच रेगुलर पुलिस से कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मंच के संरक्षक किशन विश्वकर्मा, राजेंद्र प्रसाद, प्रमोद कुमार आदि थे।
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मनरेगा कर्मियों ने ब्लॉक कार्यालय में की तालाबंदी
रोजगार सहायक कैलाश चंद्र के परिजनों को मुआवजा देने समेत कई मांगों को लेकर मनरेगा कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए ब्लॉक कार्यालय में तालाबंदी की। इस दौरान उन्होंने मामले में शासन के रवैये के खिलाफ नारेबाजी की। तालाबंदी से ब्लॉक कार्यालय में दिनभर कार्य बाधित रहा। तालाबंदी करने वालों में गणेश सिंह, विशाल नेगी, हिमांशू नेगी, दीवान सिंह, विक्की मिश्रा, नीरज गोस्वामी, अखिलेश कर्नाटक आदि थे।
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