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ग्राम प्रधानों ने गांवों को पालिका में शामिल करने पर जताई आपति
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:40 PM IST
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बागेश्वर। नगरपालिका में शामिल करने पर मंडलसेरा, मेहनरबुंगा, सैंज, बड़ेत व बिलौना के ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने आपत्ति जताई है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि उनके गांवों को जबरन पालिका में शामिल किया गया तो इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मंडलसेरा के क्षेत्र पंचायत सदस्य धनंजय सिंह ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि गांव में रहने वाले अधिकांश परिवारों की आर्थिक स्थिति दयनीय है। यदि इस क्षेत्र को पालिका में शामिल किया गया तो गरीब परिवारों को भवन कर, सफाई कर सहित तमाम तरह के शुल्क चुकाने होंगे। ग्रामीण बिना विनियमित प्राधिकारी की अनुमति के कोई निर्माण कार्य भी नहीं करा सकेंगे। उन्होंने कहा है कि यदि मोटर मार्ग के ऊपरी क्षेत्र को पालिका में शामिल किया गया तो इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मेहनरबुंगा की ग्राम प्रधान जयंती देवी, पूर्व प्रधान रमेश राज, सरपंच ओमप्रकाश सहित तमाम क्षेत्रवासियों ने पालिका में शामिल करने के विरोध में शहरी विकास विभाग के निदेशक को ज्ञापन भेजा है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि विपरीत भौगोलिक परिस्थिति और कर प्रणाली सहित तमाम मामलों को लेकर पालिका में शामिल करने का विरोध किया जा रहा है। गांव को पालिका में शामिल करने से गरीब परिवार सबसे अधिक प्रभावित होंगे। इधर बिलौना, सैंज और बड़ेत के ग्रामीणों ने भी उनके गांवों का पालिका में शामिल करने का विरोध किया है। ब्यूरो
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मंडलसेरा के क्षेत्र पंचायत सदस्य धनंजय सिंह ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि गांव में रहने वाले अधिकांश परिवारों की आर्थिक स्थिति दयनीय है। यदि इस क्षेत्र को पालिका में शामिल किया गया तो गरीब परिवारों को भवन कर, सफाई कर सहित तमाम तरह के शुल्क चुकाने होंगे। ग्रामीण बिना विनियमित प्राधिकारी की अनुमति के कोई निर्माण कार्य भी नहीं करा सकेंगे। उन्होंने कहा है कि यदि मोटर मार्ग के ऊपरी क्षेत्र को पालिका में शामिल किया गया तो इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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मेहनरबुंगा की ग्राम प्रधान जयंती देवी, पूर्व प्रधान रमेश राज, सरपंच ओमप्रकाश सहित तमाम क्षेत्रवासियों ने पालिका में शामिल करने के विरोध में शहरी विकास विभाग के निदेशक को ज्ञापन भेजा है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि विपरीत भौगोलिक परिस्थिति और कर प्रणाली सहित तमाम मामलों को लेकर पालिका में शामिल करने का विरोध किया जा रहा है। गांव को पालिका में शामिल करने से गरीब परिवार सबसे अधिक प्रभावित होंगे। इधर बिलौना, सैंज और बड़ेत के ग्रामीणों ने भी उनके गांवों का पालिका में शामिल करने का विरोध किया है। ब्यूरो
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