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बदतर हो चुके हैं टिन और टांट पट्टी के शौचालय

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Dec 2018 11:42 PM IST
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बदतर हो चुके हैं टिन और टांट पट्टी के शौचालय
कांडा (बागेश्वर)। कई गांवों की तरह सरकारी कागजों में कांडे कन्याल गांव भी खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुका है मगर गांव के पांच परिवारों के पास आज भी शौचालय नहीं हैं। 2003 में शासन द्वारा दिए गए 500 रुपये से ग्रामीणों ने टिन और टांट पट्टी से शौचालय बनाए थे। वह शौचालय आज बदतर हो चुके हैं। पक्के शौचालय के लिए लोगों को धनराशि का इंतजार है। गांव के पांच परिवारों के पास तो शौचालय ही नहीं है। वहीं कांडा पड़ाव की बाजार में 2002 में विधायक निधि से निर्मित शौचालय कबाड़खाना में तब्दील कर दिया गया है।
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कांडे कन्याल गांव में पांच परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। उसरकारी आंकड़ों के अनुसार शौचालयविहीन परिवारों को शौचालय उपलब्ध करा दिए गए हैं। स्वजल परियोजना के डाटा इंट्री आप्रेटर ध्यान चंद्र लोहनी ने बताया कि 2012 के सर्वे के आधार पर कांडे कन्याल गांव में कुल 212 परिवार थे जिनमें से 185 परिवारों के पास शौचालय थे। शौचालयविहीन 17 परिवारों को मनरेेगा से शौचालय उपलब्ध कराए गए। उसके बाद बढ़े पांच परिवारों की सूची ग्राम पंचायत से मिली है। शौचालय निर्माण के लिए उन्हें जल्द ही धनराशि दे दी जाएगी।
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गीता देवी बताती हैं कि 2003 में तत्कालीन ग्राम प्रधान ने शौचालय निर्माण के लिए पांच सौ रुपये दिए थे। इससे अस्थाई शौचालय बनाया। उसके बाद धनराशि नहीं मिलने से पक्का शौचालय नहीं बना सकीं। टिन से बने शौचालय की हालत अब बदतर हो गई है।
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सुुंदर राम बताते हैं कि शौचालय के लिए ब्लॉक और स्वजल से मांग की लेकिन आज तक धन नहीं मिल सका है। गांव में उनके जैसे कई अन्य लोग हैं। अस्थाई शौचालय के आस पास दुर्गंध रहती है जिससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने का खतरा रहता है।

नैन राम का कहना है कि सरकार ने गांव को ओडीएफ कैसे कर दिया यह तो उन्हें मालूम नहीं है। वर्षों पूर्व बने अस्थाई शौचालय की हालत बहुत खराब है। घर में जब कभी मेहमान आते हैं। उस समय कई दिक्कतें दोगुनी हो जाती है। सरकार को पक्के शौचालय के लिए जल्द धन देना चाहिए।


गांव में 2012 के बाद कई परिवार बढ़े हैं। मैंने मनरेगा के तहत शौचालयविहीन 37 परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराए हैं। करीब पांच परिवारों के लिए शौचालय की मांग स्वजल को भेजी है।
- किशोरी लाल वर्मा, ग्राम प्रधान कांडे कन्याल।
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