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पिनाकेश्वर मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने की पूजा
Updated Sat, 04 Nov 2017 10:43 PM IST
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कौसानी (बागेश्वर)। कौसानी क्षेत्र के पिनाकेश्वर मंदिर में दो दिवसीय मेला संपन्न हो गया। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान मेलार्थियों मेले में सजी दुकानों से खरीददारी भी की।
कौसानी की पिनाथ पहाड़ी में पिनाकेश्वर मंदिर स्थित है। इस मंदिर में प्रतिवर्ष चतुर्दशी और पूर्णमासी को मेला आयोजित होता है। बलेगांव के लोग ढोल नगाड़ों के साथ शुक्रवार रात मंदिर में पहुंचे। इसके बाद रात में 12 बजे पूजा-अर्चना की गई।
शनिवार को दिन में मंदिर में मेला आयोजित हुआ। इस मेले में कौसानी, सोमेश्वर और गरुड़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में मेलार्थी पहुंचे। मंदिर के महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि पिनाकेश्वर मंदिर में प्रतिदिन खिचड़ी और हलवा का भोग लगता है। कांटली के कांडपाल, टोटासिलिंग के जोशी और रावल मंदिर के पुजारी हैं।
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मान्यता है कि चतुर्दशी और पूर्णमासी की रात मंदिर में नि:संतान महिला हाथ में दीपक लेकर पूजा करे तो उसे संतान प्राप्ति होती है। कांटली, पच्चीसी, रौल्याना, कत्यूर घाटी, बौरारो घाटी और गेवाड़ पट्टी के लोग मंदिर में पूजा अर्चना से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाते हैं।
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कौसानी की पिनाथ पहाड़ी में पिनाकेश्वर मंदिर स्थित है। इस मंदिर में प्रतिवर्ष चतुर्दशी और पूर्णमासी को मेला आयोजित होता है। बलेगांव के लोग ढोल नगाड़ों के साथ शुक्रवार रात मंदिर में पहुंचे। इसके बाद रात में 12 बजे पूजा-अर्चना की गई।
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शनिवार को दिन में मंदिर में मेला आयोजित हुआ। इस मेले में कौसानी, सोमेश्वर और गरुड़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में मेलार्थी पहुंचे। मंदिर के महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि पिनाकेश्वर मंदिर में प्रतिदिन खिचड़ी और हलवा का भोग लगता है। कांटली के कांडपाल, टोटासिलिंग के जोशी और रावल मंदिर के पुजारी हैं।
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मान्यता है कि चतुर्दशी और पूर्णमासी की रात मंदिर में नि:संतान महिला हाथ में दीपक लेकर पूजा करे तो उसे संतान प्राप्ति होती है। कांटली, पच्चीसी, रौल्याना, कत्यूर घाटी, बौरारो घाटी और गेवाड़ पट्टी के लोग मंदिर में पूजा अर्चना से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाते हैं।