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जन सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही जरूरी
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:51 PM IST
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बागेश्वर। सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त डीएस गर्ब्याल शुक्रवार को बागेश्वर पहुंचे। उन्होंने यहां आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि जन सामान्य को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के विषय में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया।
गर्ब्याल ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों का आशय मुख्य रूप से नागरिकों को सरलता और बिना किसी भेदभाव के सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग का गठन 2014 में करने के बाद राज्य सरकार ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था राज्य में स्थापित की है।
आयोग ने विभिन्न अधिसूचित सेवाओं जैसे गौरा देवी कन्या धन योजना, जनश्री बीमा योजना, विनियमित क्षेत्र द्वारा मानचित्र स्वीकृति आदि से संबंधित मामलों के निस्तारण के दौरान जानकारी में आए बिंदुओं को शासन को अवगत कराया है। इसके साथ-साथ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपनी संस्तुतियां भी भेजी हैं। आयुक्त सेवा अधिकार ने ई-डिस्ट्रिक मैनेजर को निर्देश दिए कि वे सीएचसी सेंटरों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें।
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डीएम रंजना ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने कार्यालयों में अधिनियम का बोर्ड लगाने को कहा। उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग के सचिव पंकज नैथानी ने पावर पाइंट के माध्यम से जानकारी दी। आयोग के सहायक रजिस्ट्रार बीपी नौटियाल ने भी विचार रखे। कार्यशाला में एसपी मुकेश कुमार, सीडीओ पांगती, एसडीएम श्याम सिंह राणा, जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, डीएसओ जेएस कंडारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जेसी मंडल, तहसीलदार कांडा मैनपाल सिंह आदि थे।
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गर्ब्याल ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों का आशय मुख्य रूप से नागरिकों को सरलता और बिना किसी भेदभाव के सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग का गठन 2014 में करने के बाद राज्य सरकार ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था राज्य में स्थापित की है।
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आयोग ने विभिन्न अधिसूचित सेवाओं जैसे गौरा देवी कन्या धन योजना, जनश्री बीमा योजना, विनियमित क्षेत्र द्वारा मानचित्र स्वीकृति आदि से संबंधित मामलों के निस्तारण के दौरान जानकारी में आए बिंदुओं को शासन को अवगत कराया है। इसके साथ-साथ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपनी संस्तुतियां भी भेजी हैं। आयुक्त सेवा अधिकार ने ई-डिस्ट्रिक मैनेजर को निर्देश दिए कि वे सीएचसी सेंटरों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें।
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डीएम रंजना ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने कार्यालयों में अधिनियम का बोर्ड लगाने को कहा। उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग के सचिव पंकज नैथानी ने पावर पाइंट के माध्यम से जानकारी दी। आयोग के सहायक रजिस्ट्रार बीपी नौटियाल ने भी विचार रखे। कार्यशाला में एसपी मुकेश कुमार, सीडीओ पांगती, एसडीएम श्याम सिंह राणा, जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, डीएसओ जेएस कंडारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जेसी मंडल, तहसीलदार कांडा मैनपाल सिंह आदि थे।