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बास्ती में लगा शिविर, 100 ग्रामीणों का परीक्षण
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:12 PM IST
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धरमघर। विषाक्त भोजन खाने से तीन सौ से अधिक लोगों के बीमार होने से चर्चा में आए बास्ती गांव में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर ग्रामीणों का परीक्षण किया। डाक्टरों ने बताया कुछ ग्रामीणों में कमजोरी की शिकायत है। जिन्हें दवाएं दी गई हैं। शिविर में सौ से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों बास्ती गांव में विषाक्त भोजन जाने से तीन सौ से अधिक लोग बीमार हो गए थे। चार की मौत हो गई थी। इस घटना के दो सप्ताह बाद भी कई मरीजों को परेशानी हो रही थी । इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को गांव में शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में कमजोरी, घबराहट, गैस के मरीजों की संख्या ज्यादा थी। हालांकि डाक्टरों का दावा है कि यह नियमित तौर पर होने वाली परेशानी है। इन परेशानियों का फूड प्वाइजनिंग से कोई संबंध नहीं है। शिविर में सौ से अधिक मरीजों का परीक्षण किया गया। सनगाड़ व बास्ती के ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
कोट.....
बास्ती गांव में लगे शिविर में सौ से अधिक मरीजों का परीक्षण किया गया। शिविर में सनगाड़ व बास्ती के लोग थे। कमजोरी, घबराहट व गैस के मरीजों की संख्या ज्यादा थी, लेकिन इन परेशानियों का संबंध फूड प्वाइजनिंग से नहीं है।
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- डाँ जेसी मंडल, सीएमओ बागेश्वर
मामले की सीबीआई जांच की मांग, 19 को प्रदर्शन
बागेश्वर। बास्ती के ग्रामीणों ने विषाक्त भोजन खाने से लोगों के बीमार पड़ने के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि उच्चस्तरीय जांच के बाद ही घटना की सच्चाई सामने आएगी। इस मामले में 19 दिसंबर को ग्रामीण कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करेंगे। साथ ही एक शिष्टमंडल डीएम से भी मिलेगा। प्रधान दीपा देवी ने बताया कि इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच किया जाना जरूरी है। ग्रामीणों ने इस संबंध में बैठक कर 19 से शुरू हो रहे आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में देवेंद्र महर, बहादुर सिंह महर, केदार महर, फकीर सिंह, मोहन सिंह, गोपाल सिंह, देव सिंह महर आदि थे।
गांव की शादी में 620 ने किया भोजन
धरमघर। विषाक्त भोजन खाने से लोगों के बीमार पड़ने की घटना के बाद शुक्रवार को गांव में आई दूसरी बारात में क्षेत्र के 620 से अधिक लोगों ने भोजन ग्रहण किया। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त घटना के बाद से गांव व क्षेत्र में लोग सार्वजनिक समारोहों में खाने से बच रहे थे, लेकिन शुक्रवार को गांव में आई बारात ने 120 बाराती व 500 से अधिक घराती ने भोजन ग्रहण किया। गांव में सूरज की बारात रीता के घर आई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पिछली घटना की वजह से गांव व क्षेत्र को कुछ लोग बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। जिसका विरोध किया जाएगा। गांव में भाईचारा, सौहार्द व आपसी प्रेम से शादी समारोह आयोजित हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों बास्ती गांव में विषाक्त भोजन जाने से तीन सौ से अधिक लोग बीमार हो गए थे। चार की मौत हो गई थी। इस घटना के दो सप्ताह बाद भी कई मरीजों को परेशानी हो रही थी । इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को गांव में शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में कमजोरी, घबराहट, गैस के मरीजों की संख्या ज्यादा थी। हालांकि डाक्टरों का दावा है कि यह नियमित तौर पर होने वाली परेशानी है। इन परेशानियों का फूड प्वाइजनिंग से कोई संबंध नहीं है। शिविर में सौ से अधिक मरीजों का परीक्षण किया गया। सनगाड़ व बास्ती के ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
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कोट.....
बास्ती गांव में लगे शिविर में सौ से अधिक मरीजों का परीक्षण किया गया। शिविर में सनगाड़ व बास्ती के लोग थे। कमजोरी, घबराहट व गैस के मरीजों की संख्या ज्यादा थी, लेकिन इन परेशानियों का संबंध फूड प्वाइजनिंग से नहीं है।
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- डाँ जेसी मंडल, सीएमओ बागेश्वर
मामले की सीबीआई जांच की मांग, 19 को प्रदर्शन
बागेश्वर। बास्ती के ग्रामीणों ने विषाक्त भोजन खाने से लोगों के बीमार पड़ने के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि उच्चस्तरीय जांच के बाद ही घटना की सच्चाई सामने आएगी। इस मामले में 19 दिसंबर को ग्रामीण कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करेंगे। साथ ही एक शिष्टमंडल डीएम से भी मिलेगा। प्रधान दीपा देवी ने बताया कि इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच किया जाना जरूरी है। ग्रामीणों ने इस संबंध में बैठक कर 19 से शुरू हो रहे आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में देवेंद्र महर, बहादुर सिंह महर, केदार महर, फकीर सिंह, मोहन सिंह, गोपाल सिंह, देव सिंह महर आदि थे।
गांव की शादी में 620 ने किया भोजन
धरमघर। विषाक्त भोजन खाने से लोगों के बीमार पड़ने की घटना के बाद शुक्रवार को गांव में आई दूसरी बारात में क्षेत्र के 620 से अधिक लोगों ने भोजन ग्रहण किया। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त घटना के बाद से गांव व क्षेत्र में लोग सार्वजनिक समारोहों में खाने से बच रहे थे, लेकिन शुक्रवार को गांव में आई बारात ने 120 बाराती व 500 से अधिक घराती ने भोजन ग्रहण किया। गांव में सूरज की बारात रीता के घर आई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पिछली घटना की वजह से गांव व क्षेत्र को कुछ लोग बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। जिसका विरोध किया जाएगा। गांव में भाईचारा, सौहार्द व आपसी प्रेम से शादी समारोह आयोजित हो रहे हैं।