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दिनदहाड़े रिहायशी ईलाके में तेंदुए के घुसने से मची अफरातफरी
Updated Fri, 11 May 2018 11:49 PM IST
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बागेश्वर। शाम ढलने के बाद नगर के आसपास के गांवों में नजर आने वाला तेंदुआ शुक्रवार को दिनदहाड़े शहर के बीचोंबीच रिहायशी इलाके में घुस गया। तेंदुए को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। मजियाखेत में लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ तहसील गेट के सामने स्थित एक मकान के पीछे की संकरी गली, कमरे में घुस गया।
सूचना मिलते ही डीएफओ आरके सिंह के निर्देश पर वन कर्मियों की टीम पिंजरा लेकर मौके पर पहुंची। गली के खुले छोर पर पिंजरा लगाया गया। इस दौरान तेंदुए को देखने के लिए भीड़ जुट गई। इससे एनएच में जाम लग गया। सूचना मिलते ही एसपी राजचंद्र राजगुरु मौके पर पहुंचे। तेंदुए से लोगों की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए। इसके बावजूद लगभग एक घंटे तक तहसील रोड में जाम की स्थिति बनी रही। तेंदुआ वयस्क था। उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था लेकिन श्याम मंगोत्रा के घर में घुस गया। शाम करीब आठ बजे श्याम ने कमरे का रोशनदान खोला तो तेंदुआ नदी की ओर भाग गया।
लोगों के शोर मचाने पर एक घर की बंद गली में घुसा
तहसील रोड पर घंटेभर तक जाम की स्थिति बनी रही
नगर से सटे गांवों को ठिकाना बनाया
बागेश्वर। तेंदुए ने नगर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को अपनी आरामगाह बना लिया है। नगर के मजियाखेत, कफलखेत, नदीगांव, मेहनरबुंगा, द्यांगण, बिलौना, कलक्ट्रेट की पहाड़ी, मंडलसेरा आदि गांवों में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। चार दिन पूर्व मजियाखेत में एक मादा तेंदुआ शावकों के साथ आई थी। वन विभाग ने शावक को पिंजरे में कैद किया। तब से मादा तेंदुआ रातभर इलाके में दहाड़ रही है। इससे क्षेत्रवासी भयभीत हैं।
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रिहायशी क्षेत्रों में पहले भी घुस चुके तेंदुए
बागेश्वर। नगर के आबादी वाले क्षेत्रों में पहले भी तेंदुए दिन दहाड़े धमक चुके हैं। एक वर्ष पूर्व एक नर तेंदुआ कठायतबाड़ा में घुस गया था। घर के पीछे की संकरी गली में घुसे इस तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज करने के बाद पिंजरे में डाला गया था। इसके बाद एक तेंदुआ मंडलसेरा में एक स्कूल के पास स्थित दो मकानों के बीचोंबीच गली में घुस गया था। ट्रैंक्युलाइज करने के लिए स्थान न मिलने के कारण इस तेंदुए को देर रात भगा दिया गया।
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सूचना मिलते ही डीएफओ आरके सिंह के निर्देश पर वन कर्मियों की टीम पिंजरा लेकर मौके पर पहुंची। गली के खुले छोर पर पिंजरा लगाया गया। इस दौरान तेंदुए को देखने के लिए भीड़ जुट गई। इससे एनएच में जाम लग गया। सूचना मिलते ही एसपी राजचंद्र राजगुरु मौके पर पहुंचे। तेंदुए से लोगों की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए। इसके बावजूद लगभग एक घंटे तक तहसील रोड में जाम की स्थिति बनी रही। तेंदुआ वयस्क था। उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था लेकिन श्याम मंगोत्रा के घर में घुस गया। शाम करीब आठ बजे श्याम ने कमरे का रोशनदान खोला तो तेंदुआ नदी की ओर भाग गया।
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लोगों के शोर मचाने पर एक घर की बंद गली में घुसा
तहसील रोड पर घंटेभर तक जाम की स्थिति बनी रही
नगर से सटे गांवों को ठिकाना बनाया
बागेश्वर। तेंदुए ने नगर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को अपनी आरामगाह बना लिया है। नगर के मजियाखेत, कफलखेत, नदीगांव, मेहनरबुंगा, द्यांगण, बिलौना, कलक्ट्रेट की पहाड़ी, मंडलसेरा आदि गांवों में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। चार दिन पूर्व मजियाखेत में एक मादा तेंदुआ शावकों के साथ आई थी। वन विभाग ने शावक को पिंजरे में कैद किया। तब से मादा तेंदुआ रातभर इलाके में दहाड़ रही है। इससे क्षेत्रवासी भयभीत हैं।
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रिहायशी क्षेत्रों में पहले भी घुस चुके तेंदुए
बागेश्वर। नगर के आबादी वाले क्षेत्रों में पहले भी तेंदुए दिन दहाड़े धमक चुके हैं। एक वर्ष पूर्व एक नर तेंदुआ कठायतबाड़ा में घुस गया था। घर के पीछे की संकरी गली में घुसे इस तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज करने के बाद पिंजरे में डाला गया था। इसके बाद एक तेंदुआ मंडलसेरा में एक स्कूल के पास स्थित दो मकानों के बीचोंबीच गली में घुस गया था। ट्रैंक्युलाइज करने के लिए स्थान न मिलने के कारण इस तेंदुए को देर रात भगा दिया गया।