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अर्द्धसैनिक संगठन ने उठाई सेना के समान सुविधाएं देने की मांग
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:56 PM IST
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कांडा (बागेश्वर)। कांडा में आयोजित पूर्व अर्द्धसैनिक संगठन की बैठक में सेना के समान सुविधाएं देने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि पैरामिलिट्री फोर्सेज भारतीय सेना का अभिन्न अंग हैं ऐसे में उन्हें भी एक्स सर्विस मैन का दर्जा और समान सुविधाएं मिलनी चाहिए।
महाकाली मंदिर में आयोजित पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पैरा मिलिट्री फोर्सेज कार्मिक संगठन की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समान कार्य के बावजूद अर्द्धसैनिकों को सेना की तरह सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। कहा कि सीमाओं पर वीरगति को प्राप्त होने वाले अर्द्घसैनिक बलों के जवानों को शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है।
बैठक में सेना की तरह सुविधाएं देने, पैरामिलिट्री सर्विस एवं पेंशन नियम को सीसीएस नियम से अलग कर डिफेंस सर्विस रैग्यूलेशन की तर्ज पर सीपीएमएफ बनाने, केंद्र में पैरामिलिट्री मंत्रालय एवं राज्यों में पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड का गठन कर निदेशालय बनाने और प्रत्येक जिले में बोर्ड का कार्यालय खोलने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
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बैठक में भगवान सिंह भंडारी, जिलाध्यक्ष मोहन कपकोटी, लक्ष्मण सिंह कनवाल, विपिन सिंह धपोला, हयात सिंह रावत, मोहन सिंह, गोपाल सिंह माजिला, भीम सिंह धपोला, शिव सिंह, केदार सिंह, दौलत सिंह, पूरन सिंह, दान सिंह, भगवान सिंह, हेम चंद्र, भूपाल सिंह, उम्मेद सिंह आदि थे। बाद में मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा गया।
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महाकाली मंदिर में आयोजित पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पैरा मिलिट्री फोर्सेज कार्मिक संगठन की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समान कार्य के बावजूद अर्द्धसैनिकों को सेना की तरह सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। कहा कि सीमाओं पर वीरगति को प्राप्त होने वाले अर्द्घसैनिक बलों के जवानों को शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है।
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बैठक में सेना की तरह सुविधाएं देने, पैरामिलिट्री सर्विस एवं पेंशन नियम को सीसीएस नियम से अलग कर डिफेंस सर्विस रैग्यूलेशन की तर्ज पर सीपीएमएफ बनाने, केंद्र में पैरामिलिट्री मंत्रालय एवं राज्यों में पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड का गठन कर निदेशालय बनाने और प्रत्येक जिले में बोर्ड का कार्यालय खोलने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
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बैठक में भगवान सिंह भंडारी, जिलाध्यक्ष मोहन कपकोटी, लक्ष्मण सिंह कनवाल, विपिन सिंह धपोला, हयात सिंह रावत, मोहन सिंह, गोपाल सिंह माजिला, भीम सिंह धपोला, शिव सिंह, केदार सिंह, दौलत सिंह, पूरन सिंह, दान सिंह, भगवान सिंह, हेम चंद्र, भूपाल सिंह, उम्मेद सिंह आदि थे। बाद में मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा गया।