{"_id":"597a23d74f1c1b96628b46ed","slug":"131501176791-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजकीय शिक्षकों का ड्रेस कोड के विरोध का ऐलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजकीय शिक्षकों का ड्रेस कोड के विरोध का ऐलान
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। राजकीय शिक्षक संघ की जिला इकाई की बैठक में लंबित समस्याओं पर चर्चा हुई। बैठक में प्रांतीय आह्वान पर ड्रेस कोड का पुरजोर विरोध करने का ऐलान किया गया। तय किया गया कि जब तक सभी समस्याओं का समाधान हो नहीं जाता, ड्रेस कोड का विरोध जारी रखा जाएगा।
संघ के जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता और सचिव गोपाल मेहता के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार को ड्रेस कोड को सेवा नियमावली में शामिल कर धुलाई भत्ता भी निर्धारित करना चाहिए। बैठक में शिक्षकों से कहा गया कि वह ड्रेस कोड के आदेश का पालन नहीं करेें। चेताया कि यदि कोई शिक्षक, संगठन के आह्वान की अनदेखी करते पाया गया तो उसे संगठन की सदस्यता से बर्खास्त किया जा सकता है।
वक्ताओं ने एनसीआरटी की पुस्तकें निजी विद्यालयों में लागू करने के प्रदेश सरकार के निर्णय का समर्थन किया गया। बैठक में मंडलीय उपाध्यक्ष डा. शैलेंद्र धपोला हरीश भट्ट, हरीश दफौटी, अंजू दिगारी और राधिका पाठक आदि थे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
संघ के जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता और सचिव गोपाल मेहता के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार को ड्रेस कोड को सेवा नियमावली में शामिल कर धुलाई भत्ता भी निर्धारित करना चाहिए। बैठक में शिक्षकों से कहा गया कि वह ड्रेस कोड के आदेश का पालन नहीं करेें। चेताया कि यदि कोई शिक्षक, संगठन के आह्वान की अनदेखी करते पाया गया तो उसे संगठन की सदस्यता से बर्खास्त किया जा सकता है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने एनसीआरटी की पुस्तकें निजी विद्यालयों में लागू करने के प्रदेश सरकार के निर्णय का समर्थन किया गया। बैठक में मंडलीय उपाध्यक्ष डा. शैलेंद्र धपोला हरीश भट्ट, हरीश दफौटी, अंजू दिगारी और राधिका पाठक आदि थे। ब्यूरो
विज्ञापन