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उभरती महिला बॉक्सर के परिजनों ने लगाया उपेक्षा का आरोप
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:56 PM IST
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बागेश्वर। जिले की उभरती महिला बॉक्सर हेमा दानू के परिजनों ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि नेशनल में रजत पदक जीतने के बावजूद शासन प्रशासन की ओर से कोई सम्मान तक नहीं दिया गया।
बागेश्वर जिले के कफलानी निवासी हेमा दानू अंडर 17 आयु वर्ग में आयोजित राष्ट्रीय बाक्सिंग प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त कर चुकी है। हल्द्वानी महाविद्यालय से बीकॉम कर रही हेमा इस समय इंडिया कैंप रोहतक में बॉक्सिंग की कोचिंग ले रही है। सेना से रिटायर हेमा दानू के पिता कृपाल सिंह ने बताया कि उनकी बेटी को विशेष प्रशिक्षण के लिए जर्मनी जाना है।
इसके लिए उसका वीजा बनाया जाना है। पासपोर्ट कार्यालय अल्मोड़ा में पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के 15 दिन बाद भी वेरीफिकेशन की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हेमा के सभी साथी जर्मनी जा चुके हैं।
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सेना में बॅाक्सिंग के कोच रह चुके कृपाल सिंह का कहना है कि एक ओर सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है दूसरी ओर उभरती प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कोई सहायता नहीं की जा रही है।
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बागेश्वर जिले के कफलानी निवासी हेमा दानू अंडर 17 आयु वर्ग में आयोजित राष्ट्रीय बाक्सिंग प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त कर चुकी है। हल्द्वानी महाविद्यालय से बीकॉम कर रही हेमा इस समय इंडिया कैंप रोहतक में बॉक्सिंग की कोचिंग ले रही है। सेना से रिटायर हेमा दानू के पिता कृपाल सिंह ने बताया कि उनकी बेटी को विशेष प्रशिक्षण के लिए जर्मनी जाना है।
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इसके लिए उसका वीजा बनाया जाना है। पासपोर्ट कार्यालय अल्मोड़ा में पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के 15 दिन बाद भी वेरीफिकेशन की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हेमा के सभी साथी जर्मनी जा चुके हैं।
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सेना में बॅाक्सिंग के कोच रह चुके कृपाल सिंह का कहना है कि एक ओर सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है दूसरी ओर उभरती प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कोई सहायता नहीं की जा रही है।