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ऋण जमा अनुपात की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी नाराज
Updated Tue, 28 Nov 2017 09:58 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला स्तरीय पुनरीक्षण (डीएलआरसी) और समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने ऋण जमा अनुपात की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने बैंकर्स को विभागीय अधिकरियों के साथ सामंजस्य बनाकर ऋण अनुपात को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों द्वारा निर्धारित लक्ष्य से कम प्रगति दी गई है वह तीन माह में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करें।
उन्होंने धीमी प्रगति वाले बैंकर्स को ऋण जमा अनुपात में तेजी लाने के लिए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता से निर्णय लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में कई बैंकों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर लीड बैंक अधिकारी को अनुपस्थित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थित पर तीन दिन के भीतर संबंधितों का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्षिक ऋण योजना और फसली ऋण योजना की समीक्षा करते हुए बैंक की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कृषि मियादी ऋण की समीक्षा करते हुए शत प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के लिए सभी बैंको को विशेष प्रयास करने को कहा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा कराने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी बैंक और कृषि विभाग के अधिकारी समन्वय बनाकर शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करें। उन्होंने सभी बैंकों को दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग में लोन स्वीकृत कराने में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए बैंक शीघ्र निर्णय लें। लीड बैंक अधिकारी जगदीश कुमार ने त्रैमासिक प्रगति की आख्या प्रस्तुत की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित, भारतीय स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक महेश बड़थ्वाल, नाबार्ड के डीडीएम मनोज कुमार शर्मा, आरसेटी निदेशक पीसी जोशी, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, उद्योग महाप्रबंधक दीपक मुरारी आदि मौजूद थे।
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उन्होंने धीमी प्रगति वाले बैंकर्स को ऋण जमा अनुपात में तेजी लाने के लिए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता से निर्णय लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में कई बैंकों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर लीड बैंक अधिकारी को अनुपस्थित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थित पर तीन दिन के भीतर संबंधितों का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्षिक ऋण योजना और फसली ऋण योजना की समीक्षा करते हुए बैंक की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कृषि मियादी ऋण की समीक्षा करते हुए शत प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के लिए सभी बैंको को विशेष प्रयास करने को कहा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा कराने के लिए प्रेरित किया जाए।
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उन्होंने कहा कि सभी बैंक और कृषि विभाग के अधिकारी समन्वय बनाकर शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करें। उन्होंने सभी बैंकों को दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग में लोन स्वीकृत कराने में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए बैंक शीघ्र निर्णय लें। लीड बैंक अधिकारी जगदीश कुमार ने त्रैमासिक प्रगति की आख्या प्रस्तुत की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित, भारतीय स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक महेश बड़थ्वाल, नाबार्ड के डीडीएम मनोज कुमार शर्मा, आरसेटी निदेशक पीसी जोशी, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, उद्योग महाप्रबंधक दीपक मुरारी आदि मौजूद थे।
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