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बदहाल शिक्षा से नाराज डीएम ने रोका अधिकारियों का वेतन
Updated Wed, 27 Dec 2017 11:13 PM IST
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बागेश्वर। जिले के अंतिम गांव कीमू की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। एकमात्र प्राथमिक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए न तो शिक्षक हैं और न ही एमडीएम बनाने के लिए बर्तन और थालियां। बहुउद्देश्यीय शिविर में जब यह मामला जिलाधिकारी के सामने आया तो उन्होंने सीआरसी और बीआरसी से लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी तक का वेतन रोकने के निर्देश दे दिए।
कीमू बागेश्वर जिले का अंतिम गांव है। इस गांव के निकट स्थित गोगिना में मंगलवार को आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में कीमू के ग्राम प्रधान कीमू ने प्राथमिक पाठशाला की बदहाली बताई। ग्राम प्रधान ने बताया कि स्कूल में 26 बच्चे अध्ययनरत हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है। मध्याह्न भोजन बनाने के लिए बर्तन एवं बच्चों के खाने के लिए थालियां भी नहीं हैं।
ग्राम प्रधान ने बताया कि कुछ समय पहले एक शिक्षक को भेजा गया था। जिसका चार दिन में ही स्थानांतरण कर दिया गया। शिक्षक न होने पर बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। इस दूरस्थ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी भी भौंचक रह गईं। उन्होंने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और विद्यालय की सभी समस्याओं का निराकरण होने तक सीआरसी एवं बीआरसी से लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी तक का वेतन रोकने के निर्देश दे दिए। उन्होंने कहा कि जब तक विद्यालय की समस्त व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होंगी तब तक अधिकारियों को वेतन नहीं मिलेगा।
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कीमू बागेश्वर जिले का अंतिम गांव है। इस गांव के निकट स्थित गोगिना में मंगलवार को आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में कीमू के ग्राम प्रधान कीमू ने प्राथमिक पाठशाला की बदहाली बताई। ग्राम प्रधान ने बताया कि स्कूल में 26 बच्चे अध्ययनरत हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है। मध्याह्न भोजन बनाने के लिए बर्तन एवं बच्चों के खाने के लिए थालियां भी नहीं हैं।
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ग्राम प्रधान ने बताया कि कुछ समय पहले एक शिक्षक को भेजा गया था। जिसका चार दिन में ही स्थानांतरण कर दिया गया। शिक्षक न होने पर बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। इस दूरस्थ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी भी भौंचक रह गईं। उन्होंने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और विद्यालय की सभी समस्याओं का निराकरण होने तक सीआरसी एवं बीआरसी से लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी तक का वेतन रोकने के निर्देश दे दिए। उन्होंने कहा कि जब तक विद्यालय की समस्त व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होंगी तब तक अधिकारियों को वेतन नहीं मिलेगा।
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