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जर्जर हाल हुआ राजकीय प्राथमिक स्कूल सिया का भवन
Updated Thu, 08 Mar 2018 10:52 PM IST
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बागेश्वर। राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिया का भवन जर्जर हाल हो चुका है। भवन की छत, खिड़की, दरवाजों पूरी तरीके से जीर्ण-शीर्ण हो चुकी है। विद्यालय में किसी भी समय दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। बच्चे भय के आलम में पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जल्द ही भवन को ठीक कराने की मांग की है।
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मोहन लाल ने उप शिक्षा अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि प्राथमिक विद्यालय सिया का भवन पूरी तरह से जीर्णशीर्ण हो चुका है। विद्यालय में 21 बच्चे अध्ययनरत हैं। तेज अंधड़ और बारिश में दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
अध्यक्ष का कहना है कि पिछले लंबे समय से वह विभागीय अधिकारियों को भवन के बारे में लिख रहे है, लेकिन विभाग कोई सुध नहीं ले रहा। जर्जर हाल भवन के कारण अभिभावक अपने बच्चों के लिए चिंतित रहते हैं।
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उन्होंने विद्यालय भवन का सुधार करने और जीर्णोद्घार होने तक कक्षाओं के संचालन के लिए एक टिनशेड का निर्माण करने की मांग की है। उन्होंने विद्यालय में तैनात एक शिक्षक को व्यवस्था के तहत अन्यत्र भेजने पर भी आपत्ति जताई है। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष का कहना है कि एक शिक्षक को दूसरे स्कूल भेज देने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने व्यवस्था पर भेजे गए शिक्षक को विद्यालय में वापस भेजने की मांग की है।
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विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मोहन लाल ने उप शिक्षा अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि प्राथमिक विद्यालय सिया का भवन पूरी तरह से जीर्णशीर्ण हो चुका है। विद्यालय में 21 बच्चे अध्ययनरत हैं। तेज अंधड़ और बारिश में दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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अध्यक्ष का कहना है कि पिछले लंबे समय से वह विभागीय अधिकारियों को भवन के बारे में लिख रहे है, लेकिन विभाग कोई सुध नहीं ले रहा। जर्जर हाल भवन के कारण अभिभावक अपने बच्चों के लिए चिंतित रहते हैं।
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उन्होंने विद्यालय भवन का सुधार करने और जीर्णोद्घार होने तक कक्षाओं के संचालन के लिए एक टिनशेड का निर्माण करने की मांग की है। उन्होंने विद्यालय में तैनात एक शिक्षक को व्यवस्था के तहत अन्यत्र भेजने पर भी आपत्ति जताई है। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष का कहना है कि एक शिक्षक को दूसरे स्कूल भेज देने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने व्यवस्था पर भेजे गए शिक्षक को विद्यालय में वापस भेजने की मांग की है।