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जब पढ़ेगा नहीं तो कैसे बढ़ेगा इंडिया
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जीजीआईसी बागेश्वर का गेट।
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। बालिका शिक्षा की अलख जगाने का दावा करने वाली सरकार बालिका इंटर कॉलेजों में भी छात्रा संख्या और विषयों के मुताबिक शिक्षिकाओं की नियुक्ति नहीं करवा सकी है। जीजीआईसी बागेश्वर में प्रवक्ताओं के आठ, एलटी संवर्ग में शिक्षकों के तीन पद खाली हैं। सरकार भले ही शिक्षा का स्तर सुधारने के लाख कोशिश कर रही हो लेकिन जब तक बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं मिलेगी तब तक बच्चे कैसे बेहतर कर सकते हैं।
जीजीआईसी में कक्षा छह से 12 तक 606 छात्राएं पंजीकृत हैं। विद्यालय में स्टाफ की भारी कमी है। विद्यालय में शिक्षिकाओं के कुल 21 पद सृजित हैं। इनमें से हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, भूगोल, गणित और रसायन विज्ञान प्रवक्ताओं के पद कई वर्षों से खाली हैं। एलटी संवर्ग में हिंदी के दो और कला विषय की शिक्षिकाएं नहीं हैं। गणित, रसायन, अंग्रेजी समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों की शिक्षिकाएं न होने के कारण पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। हालात यह है कि एक शिक्षिका के पास दोहरी जिम्मेदारी है। कई बार शिक्षिकाएं अवकाश पर रहती हैं तो स्थिति और खराब हो जाती है।
पीटीए के सहयोग से बढ़ाईं शिक्षिकाएं
बागेश्वर। जीजीआईसी बागेश्वर में पैरेंट्स टीचर्स एसोसिएशन (पीटीए) की मदद से पांच शिक्षिकाएं रखी गई हैं। इनके सहारे पढ़ाई करवाई जा रही है। स्टाफ की कमी के लिए कई बार विभागीय अफसरों को लिखा जा चुका है लेकिन तैनाती नहीं हुई है। इधर शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शि क्षिकाओं के खाली पद शासन स्तर से भरे जाने हैं। शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति होने पर ही समस्या सुलझाने का आश्वासन हर बार दिया जा रहा है।
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जीजीआईसी में कक्षा छह से 12 तक 606 छात्राएं पंजीकृत हैं। विद्यालय में स्टाफ की भारी कमी है। विद्यालय में शिक्षिकाओं के कुल 21 पद सृजित हैं। इनमें से हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, भूगोल, गणित और रसायन विज्ञान प्रवक्ताओं के पद कई वर्षों से खाली हैं। एलटी संवर्ग में हिंदी के दो और कला विषय की शिक्षिकाएं नहीं हैं। गणित, रसायन, अंग्रेजी समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों की शिक्षिकाएं न होने के कारण पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। हालात यह है कि एक शिक्षिका के पास दोहरी जिम्मेदारी है। कई बार शिक्षिकाएं अवकाश पर रहती हैं तो स्थिति और खराब हो जाती है।
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पीटीए के सहयोग से बढ़ाईं शिक्षिकाएं
बागेश्वर। जीजीआईसी बागेश्वर में पैरेंट्स टीचर्स एसोसिएशन (पीटीए) की मदद से पांच शिक्षिकाएं रखी गई हैं। इनके सहारे पढ़ाई करवाई जा रही है। स्टाफ की कमी के लिए कई बार विभागीय अफसरों को लिखा जा चुका है लेकिन तैनाती नहीं हुई है। इधर शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शि क्षिकाओं के खाली पद शासन स्तर से भरे जाने हैं। शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति होने पर ही समस्या सुलझाने का आश्वासन हर बार दिया जा रहा है।
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