{"_id":"c6e4aba2-ebbd-11e2-9772-d4ae52bc57c2","slug":"arunima-sinha-everest","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत सामग्री संग हौसला भी लाईं एवरेस्ट विजेता अरुणिमा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत सामग्री संग हौसला भी लाईं एवरेस्ट विजेता अरुणिमा
उत्तरकाशी/पंकज गुप्ता
Updated Sat, 13 Jul 2013 06:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाउम्मीदी के अंधेरे और टूटते हौसले के बीच कृत्रिम पांव से एवरेस्ट फतह करने वाली अरुणिमा सिन्हा जिले के आपदा पीड़ितों में जिंदगी के लिए जंग का जज्बा जगा गईं। अरुणिमा को दुर्गम रास्तों चलकर पीड़ितों के लिए मदद को आया देखकर बहुतों का हौसला भी लौट आया।
विज्ञापन
असी गंगा घाटी के आपदा पीड़ित अगोड़ा गांव तक पहुंचकर अरुणिमा और उनकी टोली ने पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। उल्लेखनीय यह है कि अरुणिमा एवरेस्ट चढ़ने पर मिली 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि में से पांच लाख की राहत सामग्री खरीद डाली।
विज्ञापन
पढ़ें: उत्तराखंड आपदा की पल पल अपडेट
स्पोर्ट्स पर्सन अरुणिमा सिन्हा तब चर्चा में आई थीं जब कुछ असामाजिक तत्वों ने उन्हें चलती ट्रेन से फेंक दिया था। इस घटना में उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा था। कोई दूसरा होता तो मायूस हो जाता। लेकिन अरुणिमा का हौसला दोगुना हो गया। कृत्रिम पैरों के सहारे ही दुनिया की सबसे ऊंचे पर्वतशिखर एवरेस्ट को नाप लिया।
विज्ञापन
5 लाख की राहत सामग्री
एवरेस्ट पर सफल आरोहण करने वाली अरुणिमा आपदा पीड़ितों के लिए भी एक मिसाल बनकर सामने आई। उसने एवरेस्ट चढ़ने पर मिली 25 लाख की पुरस्कार राशि में से 5 लाख की राहत सामग्री ली और पहुंच गई उत्तरकाशी के आपदा पीड़ितों के बीच। असी गंगा घाटी से अरुणिमा का पुराना जुड़ाव है। एवरेस्ट आरोहण से पूर्व उसने इसी घाटी में प्रथम भारतीय महिला एवरेस्टर बछेंद्री पाल से पहाड़ चढ़ने के गुर सीखे थे।
बीते रोज उत्तरकाशी पहुंची अरुणिमा ने असी गंगा घाटी पहुंचकर आपदा पीड़ितों के हाल जाने। कुछ को मौके पर तथा बाकी को जिला मुख्यालय बुलाकर उन्हें राहत सामग्री वितरित की। राहत सामग्री तो कई स्वयंसेवी संस्थाएं बांट रही हैं, लेकिन अरुणिमा को अपने बीच पाकर आपदा पीड़ितों का हौसला बढ़ गया है।