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Almora News: रानीखेत में मल्टी स्टोरी पार्किंग की कवायद नहीं हो सकी शुरू
Sun, 12 Mar 2023 12:03 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 12 Mar 2023 12:03 AM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन नगरी में बहुद्देशीय पार्किंग (मल्टी स्टोरी पार्किंग) की कवायद अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। पिछले साल शहरी विकास मंत्रालय के प्रस्ताव पर प्रशासन, कैंट, लोनिवि ने इसके लिए दो चयनित स्थलों का निरीक्षण किया था। बताया जा रहा है कि एक चयनित स्थल रक्षा संपदा विभाग के अंतर्गत है। पुनर्वर्गीकरण के लिए प्रस्ताव डीईओ ऑफिस के लिए भेजा गया है। यह प्रक्रिया अभी लंबित है।
रानीखेत नगर छावनी परिषद के अधीन है हालांकि छावनी परिषद ने डेढ़ दशक पूर्व यहां कुछ पार्किंग स्थल बनाए। तीन साल पहले तत्कालीन विधायक करन माहरा ने जरूरी बाजार में आठ लाख रुपये की विधायक निधि से एक वाहन पार्किंग स्थल का निर्माण कराया था लेकिन वाहनों के बढ़ते दबाव के चलते ये पार्किंग स्थल नाकाफी साबित हो रहे हैं। दूसरी तरफ रोडवेज के वाहनों के लिए भी बाईपास की व्यवस्था लागू नहीं है। दोपहिया वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। लोग वाहनों को सड़कों के किनारे खड़ा कर देते हैं जो जाम का कारण बनते हैं। पिछले वर्ष यहां मल्टी स्टोरी पार्किंग को स्वीकृति मिली। इसके लिए रोडवेज कार्यशाला और रोडवेज परिसर के पास भूमि चयनित की गई। लोनिवि सहित कई विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया लेकिन अभी तक कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है।
छावनी परिषद के राजस्व अधीक्षक ने बताया कि रोडवेज परिसर के पास चयनित स्थल डीईओ लैंड है। पुनर्वर्गीकरण की कार्रवाई की प्रक्रिया रक्षा मंत्रालय तक जाती है। भूमि का मामला अभी तक लंबित है।
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रानीखेत नगर छावनी परिषद के अधीन है हालांकि छावनी परिषद ने डेढ़ दशक पूर्व यहां कुछ पार्किंग स्थल बनाए। तीन साल पहले तत्कालीन विधायक करन माहरा ने जरूरी बाजार में आठ लाख रुपये की विधायक निधि से एक वाहन पार्किंग स्थल का निर्माण कराया था लेकिन वाहनों के बढ़ते दबाव के चलते ये पार्किंग स्थल नाकाफी साबित हो रहे हैं। दूसरी तरफ रोडवेज के वाहनों के लिए भी बाईपास की व्यवस्था लागू नहीं है। दोपहिया वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। लोग वाहनों को सड़कों के किनारे खड़ा कर देते हैं जो जाम का कारण बनते हैं। पिछले वर्ष यहां मल्टी स्टोरी पार्किंग को स्वीकृति मिली। इसके लिए रोडवेज कार्यशाला और रोडवेज परिसर के पास भूमि चयनित की गई। लोनिवि सहित कई विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया लेकिन अभी तक कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है।
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छावनी परिषद के राजस्व अधीक्षक ने बताया कि रोडवेज परिसर के पास चयनित स्थल डीईओ लैंड है। पुनर्वर्गीकरण की कार्रवाई की प्रक्रिया रक्षा मंत्रालय तक जाती है। भूमि का मामला अभी तक लंबित है।
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