फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Women Killed By Tiger

जंगल में लकड़ी बीनने गई बुजुर्ग महिला पर टाइगर का हमला, मौत

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 16 Apr 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
Women Killed By Tiger
अल्मोड़ा। सल्ट ब्लॉक् के मरचूला से दो किलोमीटर आगे स्थित कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र में बाघ ने एक वृद्धा पर हमला कर दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। महिला वन क्षेत्र में जलौनी लकड़ी बीनने गई थी। वन विभाग के कर्मचारियों को क्षत विक्षत हालत में शव मिला। शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वन विभाग की दो टीमें क्षेत्र में गश्त कर रही हैं।
विज्ञापन

सल्ट क्षेत्र के झड़गांव निवासी परी देवी (65) पत्नी स्व. केशव दत्त घर पर अकेले रहती थीं। शुक्रवार दोपहर रोज की तरह वे जंगल में लकड़ी बीनने निकली। रात होने के बाद भी परी के घर न लौटने पर शनिवार सुबह गांव के लोगों ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद गांव के ग्राम प्रधान ने वन विभाग को उनके गायब होने की सूचना दी। सूचना पर रेंजर जौरासी, विक्रम सिंह कैड़ा अपनी टीम के साथ परी की तलाश में निकले। मरचूला से धूमाकोट जाने वाले रास्ते में दो किलोमीटर आगे कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र में परी का शव क्षत विक्षत अवस्था में मिला। वन विभाग की टीम ने शव के अवशेष कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। फिलहाल वन विभाग ने बाघ का मूवमेंट पता करने के लिए घटनास्थल के आसपास छह ट्रैप कैमरे लगाए हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघ की छानबीन के लिए ड्रोन कैमरे की मदद भी ली जाएगी।
विज्ञापन

एक माह पूर्व कूपी गांव में भी तेंदुए ने मारी थी महिला
अल्मोड़ा। सल्ट क्षेत्र में वन्य जीवों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। एक मार्च को सल्ट विकास खंड के ही कूपी गांव में तेंदुए ने भी एक महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। कुछ पालतू मवेशी भी तेंदुए ने मारे थे। जिससे गांव में भय का माहौल बन गया था। वन विभाग की टीम ने यहां डेढ़ माह तक कैंप किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

लकड़ी बेचकर अपना गुजारा करती थीं महिला
अल्मोड़ा। बाघ के हमले में मारी गई बुजुर्ग महिला परी विधवा थीं और कोई संतान न होने के कारण वह गांव में अकेली रहती थी। जंगल से रोजाना जलौनी लकड़ी बीनकर उसे लोगों को बेचती थी। और उसी कमाई से अपना घर चलाती थी। कई साल से परी जंगल जाकर लकड़ी बीनने का काम कर रही थीं। इसलिए उसे अकेले जंगल जाने में डर भी नहीं लगता था और आखिर उसी जंगल में उसकी मौत हो गई। अकेली बुजुर्ग महिला की इस तरह मौत से ग्रामीण भी काफी दुखी हैं।
आरक्षित वन क्षेत्र से वन संपदा चुनना होता है प्रतिबंधित
अल्मोड़ा। वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने प्रदेश में कई वन क्षेत्रों को आरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया है। इसमें से एक कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र भी है। जहां पर बाघ का मूवमेंट रहता है। काफी संख्या में बाघ इस क्षेत्र में रहते भी हैं। इस आरक्षित वन क्षेत्र से जलौनी लकड़ी या किसी भी तरह की वन संपदा चुनने पर प्रतिबंध होता है। इसके बाद भी कुछ ग्रामीण इन्हीं क्षेत्रों में जलौनी लकड़ी आदी बीनने चले जाते हैं जिससे उनकी जान पर जोखिम बन जाता है।
पर्यटकों की सुरक्षा वन विभाग के लिए चुनौती
अल्मोड़ा। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही जिले में पर्यटन सीजन भी शुरू हो गया है। ऐसे में देश विदेश के पर्यटक टाइगर रिजर्व आदि देखने पहुंच रहे हैं। कालागढ़ टाइगर रिजर्व में भी इन दिनों में भारी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही हो रही है। कुछ पर्यटक वाहन सड़क किनारे खड़े कर वन्य जीवों के दिखने का इंतजार करते हैं। शनिवार को यहां महिला पर टाइगर के हमले का मामला भी प्रकाश में आया है। ऐसे में वन विभाग के लिए यहां पहुंचे पर्यटकों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है। इसके साथ ही वन विभाग का टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र में ग्रामीणों को भी जाने से रोकना होगा। हालांकि वन विभाग का कहना है वह ग्रामीणों के साथ ही पर्यटकों को भी सचेत कर रहे हैं। 30 वन कर्मियों की दो टीमें क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगी जिससे पर्यटकों या ग्रामीणों को टाइगर आदि से किसी तरह का खतरा ना रहे। पुलिस प्रशासन की भी इसमें मदद ली जा रही है।
पिंजरा लगा सकता है वन विभाग
अल्मोड़ा। शनिवार को महिला पर हमले की घटना कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र में हुई है। टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र टाइगर की सुरक्षा और उसके रहने के लिए बनाया गया है। अगर वन विभाग की जांच में पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि बुजुर्ग महिला को मारने वाला बाघ ही है तो वन विभाग शायद उसे पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाएगा। वन विभाग के लिए भी एक बड़ी समस्या है कि बाघ के घर से ही उसे पकड़कर आखिर वन विभाग कहां भेजेगा।

कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला का शव क्षत विक्षत हालत में मिला है। इस क्षेत्र में काफी संख्या में बाघ हैं। महिला के शव की स्थिति देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि उस पर बाघ ने ही हमला किया है। मूवमेंट चेक करने के लिए क्षेत्र में छह स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। 30 वनकर्मियों को भी क्षेत्र में गश्त के लिए तैनात किया गया है।
- प्रकाश चंद्र आर्या, डीएफओ, कालागढ़ टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed