{"_id":"623e0ca9724f7c167b657e59","slug":"we-will-win-over-corona-almora-news-hld4574135107","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना को हराने के लिए बच्चों ने कसी कमर, अब आसान होगी कोरोना से जंग की डगर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना को हराने के लिए बच्चों ने कसी कमर, अब आसान होगी कोरोना से जंग की डगर
विज्ञापन
अल्मोड़ा कुर्मांचल एकेडमी में कोरोना का टीका लगाते बच्चे।
- फोटो : ALMORA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। कोरोना महामारी को हराने के लिए बड़े बुजुर्गों के बाद अब छोटे बच्चों ने भी कमर कस ली है। इससे कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग कुछ आसान होगी। बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए जहां अभिभावक जागरूक हैं वहीं बच्चे भी तैयार हैं। स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण कार्य के लिए मोर्चा संभाला है। स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों में 12 से 14 साल के बच्चों को टीका लगाने की व्यवस्था की है। अल्मोड़ा जिले में 20 हजार बच्चों को कोरोना का टीका लगना है।
12 से 14 साल के बच्चों के लिए की गई टीकाकरण व्यवस्था की पड़ताल शुक्रवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने एलआरसाह रोड स्थित कुर्मांचल एकेडमी में पहुंचकर की। यहां स्कूल के हॉल में टीकाकरण की व्यवस्था की गई थी। हॉल के ही एक कोने में बच्चों का पंजीकरण स्कूल स्टाफ कर रहा था। टीकाकरण के लिए लाइन में लगे कुछ बच्चों में जोश था तो कुछ के मन में थोड़ी घबराहट थी। कुछ बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी उनका हौसला बढ़ाने के लिए स्कूल पहुंचे थे। बच्चों को टीका लगने के बाद सबसे अधिक खुशी उनके अभिभावकों को थी। उनके चेहरे का भाव बता रहा था कि वह बच्चे को लेकर बड़ी चिंता से मुक्त हो गए हैं। शिक्षक भी उन बच्चों को मनोबल बढ़ा रहे थे, जिन्हें घबराहट हो रही थी। टीकाकरण से पहले सभी बच्चों के हाथ सैनिटाइज कराए जा रहे थे और मास्क के साथ ही बच्चों को टीका लगाया गया।
शिक्षक खेल कराकर बच्चों के मन से निकाल रहे डर
अल्मोड़ा। टीका लगाने के बाद कुछ बच्चों के मन में डर था जिसे दूूर करने के लिए हर बच्चे को टीका लगने के बाद आधे घंटे की छुट्टी खेलने के लिए दी जा रही थी। इससे बच्चे का ध्यान टीके के डर से हटकर खेल पर चला गया। इसके बाद बच्चों ने कक्षा में बैठकर बिना किसी डर के पढ़ाई की।
विज्ञापन
अभिभावक भी बने जागरूक
अल्मोड़ा। कोरोना महामारी से अपने बच्चों को बचाने के लिए अब अभिभावक भी जागरूक होने लगे हैं। शुक्रवार को कई अभिभावकों ने अपने बच्चे के साथ स्कूल पहुंचकर उन्हें टीका लगवाने की पहल की। साथ ही स्कूल प्रबंधन भी बच्चों के टीकाकरण को लेकर उत्साहित है।
जिले में पांच हजार बच्चों को लगा कोरोना का टीका
अल्मोड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने एक सप्ताह पहले 12 से 14 साल तक के बच्चों के टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया था। अब तक जिले में पांच हजार बच्चों को स्वास्थ्य विभाग टीका लगा चुका है। टीकाकरण के लिए जिले के 11 ब्लॉक में 15 सेंटर बनाए गए हैं। एक दिन में जिले के 50 स्कूलों में टीकाकरण किया जा रहा है।
टीके को लेकर बच्चों के विचार
कोरोना का टीका लगाने में पहले तो डर लगा था लेकिन फिर अपने साथियों को टीका लगाता देखा तो हिम्मत आई और टीका लगा लिया। घर के बड़े पहले ही टीका लगाकर सुरक्षित हो गए हैं। अब में भी कोरोना के खतरे से सुरक्षित हूं।
- प्रशांत कुमार, छात्र
आज स्कूल आने से पहले मम्मी ने टीका लगाने के लिए प्रेरित किया। कहा कि कोरोना से बचने के लिए और टीका लगाकर आना है। थोड़ा सा दर्द हुआ उसके बाद गायब हो गया। फिर दोस्तों के साथ खेलने लगा।
- आयुष टम्टा, छात्र
पहले टीके की सुई देखकर डर लग रहा था लेकिन टीका लगने के बाद डर खत्म हो गया। अब अगला टीका भी आराम से लगा लूंगा। टीक लगाने के बाद हिम्मत बढ़ गई है।
- तनुज आदित्य, छात्र
टीकाकरण के लिए स्कूल भी तैयार
- टीकाकरण के लिए स्कूल में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी। स्कूल के हॉल में ही बच्चों को टीका लगाने की व्यवस्था की गई। टीका लगाने के बाद बच्चों को आधे घंटे तक खेलने की छुट्टी दी गई जिससे जिन बच्चों के मन में टीका लगने के बाद डर था वह भी दूर हो गया।
- सुरेश टम्टा, अध्यापक कुर्मांचल एकेडम,
12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोरोना का टीका लगाने में स्वास्थ्य विभाग का पूरा सहयोग मिला। कई बच्चे टीका लगाने को लेकर उत्साहित भी थे। कुछ बच्चे डर रहे थे जिन्हें उनके अभिभावकों और शिक्षकों के माध्यम से टीका लगाने के लिए तैयार किया गया। हमारी अपील है कि अपने बच्चे को कोरोना के खतरे से बचाने के लिए टीका अवश्य लगाएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरतें।
- केके पंत प्रधानाचार्य, कुर्मांचल एकेडमी अल्मोड़ा,
बच्चों को टीका लगने से अभिभावक भी राहत में
मेरी बेटी को पता था कि उसके स्कूल में बच्चों को कोरोना का टीका लगाना है जिस कारण वह सुबह थोड़ा डरी थी। फिर उसे टीके का महत्व बताया और उसके मन से डर निकाला। बेटी को टीका लगने से खुश हूं।
- पुष्पा उपाध्याय, अभिभावक
मेरी बेटी टीका लगाने के नाम पर खुश भी थी और थोड़ा डरी हुई भी थी। लेकिन जब सुबह स्कूल पहुंची तो और बच्चों के टीकाकरण की लाइन में खुद भी खड़ी हो गई। अब उसके मन में डर नहीं उत्साह है।
- जीत खत्री, अभिभावक,
बागेश्वर में 49 प्रतिशत टीकाकरण हुआ
बागेश्वर। जिले में 12 से 14 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों में टीकाकरण को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले में इस आयुवर्ग के 8734 लोगों को टीके लगाए जाने हैं। जिले में 49 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। 28 दिन बाद टीके की दूसरी डोज लगाई जाएगी। दूसरी डोज को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
16 मार्च से 12 से 14 आयुवर्ग के विद्यार्थियों को स्कूलों में कोविड टीके लगाए जा रहे हैं। स्कूलों में टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को कोविड-19 के टीके लगा रही है। नगर के विवेकानंद स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर हाईस्कूल समेत 27 विद्यालयों में इस आयुवर्ग के विद्यार्थियों को टीके लगाए जा रहे हैं। विवेकानंद इंटर कॉलेज में कक्षा 8 में पढ़ने वाले कार्तिक, सरस्वती शिशु मंदिर हाईस्कूल के छात्र पवन कुमार ने बताया कि सभी विद्यार्थियों में टीकाकरण को लेकर उत्साह है। कोरोना से टीका ही बचा सकता है। दूसरी डोज लगाने के लिए भी विद्यार्थियों में उत्साह है।
16 मार्च को पहले दिन बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ के नगरीय इलाकों में बने सात केंद्रों में 407 बच्चों को टीके लगाए गए थे। इसके बाद होली के चलते टीकाकरण का कार्यक्रम रुका हुआ था। 21 मार्च तक 1397 बच्चों का टीकाकरण हो चुका है।
22 से 24 मार्च तक 2883 बच्चों को टीके लगाए गए। अब तक 4280 बच्चों को स्कूलों में जाकर टीके लगाए जा चुके हैं। जिले में 49 प्रतिशत बच्चों को टीके लगाए जा चुके हैं। अगले 10 दिन में 12-14 आयुवर्ग के सारे बच्चों को टीके लग जाएंगे।
डॉ. प्रमोद जंगपांगी, नोडल अधिकारी, टीकाकरण
विज्ञापन
12 से 14 साल के बच्चों के लिए की गई टीकाकरण व्यवस्था की पड़ताल शुक्रवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने एलआरसाह रोड स्थित कुर्मांचल एकेडमी में पहुंचकर की। यहां स्कूल के हॉल में टीकाकरण की व्यवस्था की गई थी। हॉल के ही एक कोने में बच्चों का पंजीकरण स्कूल स्टाफ कर रहा था। टीकाकरण के लिए लाइन में लगे कुछ बच्चों में जोश था तो कुछ के मन में थोड़ी घबराहट थी। कुछ बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी उनका हौसला बढ़ाने के लिए स्कूल पहुंचे थे। बच्चों को टीका लगने के बाद सबसे अधिक खुशी उनके अभिभावकों को थी। उनके चेहरे का भाव बता रहा था कि वह बच्चे को लेकर बड़ी चिंता से मुक्त हो गए हैं। शिक्षक भी उन बच्चों को मनोबल बढ़ा रहे थे, जिन्हें घबराहट हो रही थी। टीकाकरण से पहले सभी बच्चों के हाथ सैनिटाइज कराए जा रहे थे और मास्क के साथ ही बच्चों को टीका लगाया गया।
विज्ञापन
शिक्षक खेल कराकर बच्चों के मन से निकाल रहे डर
अल्मोड़ा। टीका लगाने के बाद कुछ बच्चों के मन में डर था जिसे दूूर करने के लिए हर बच्चे को टीका लगने के बाद आधे घंटे की छुट्टी खेलने के लिए दी जा रही थी। इससे बच्चे का ध्यान टीके के डर से हटकर खेल पर चला गया। इसके बाद बच्चों ने कक्षा में बैठकर बिना किसी डर के पढ़ाई की।
विज्ञापन
अभिभावक भी बने जागरूक
अल्मोड़ा। कोरोना महामारी से अपने बच्चों को बचाने के लिए अब अभिभावक भी जागरूक होने लगे हैं। शुक्रवार को कई अभिभावकों ने अपने बच्चे के साथ स्कूल पहुंचकर उन्हें टीका लगवाने की पहल की। साथ ही स्कूल प्रबंधन भी बच्चों के टीकाकरण को लेकर उत्साहित है।
जिले में पांच हजार बच्चों को लगा कोरोना का टीका
अल्मोड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने एक सप्ताह पहले 12 से 14 साल तक के बच्चों के टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया था। अब तक जिले में पांच हजार बच्चों को स्वास्थ्य विभाग टीका लगा चुका है। टीकाकरण के लिए जिले के 11 ब्लॉक में 15 सेंटर बनाए गए हैं। एक दिन में जिले के 50 स्कूलों में टीकाकरण किया जा रहा है।
टीके को लेकर बच्चों के विचार
कोरोना का टीका लगाने में पहले तो डर लगा था लेकिन फिर अपने साथियों को टीका लगाता देखा तो हिम्मत आई और टीका लगा लिया। घर के बड़े पहले ही टीका लगाकर सुरक्षित हो गए हैं। अब में भी कोरोना के खतरे से सुरक्षित हूं।
- प्रशांत कुमार, छात्र
आज स्कूल आने से पहले मम्मी ने टीका लगाने के लिए प्रेरित किया। कहा कि कोरोना से बचने के लिए और टीका लगाकर आना है। थोड़ा सा दर्द हुआ उसके बाद गायब हो गया। फिर दोस्तों के साथ खेलने लगा।
- आयुष टम्टा, छात्र
पहले टीके की सुई देखकर डर लग रहा था लेकिन टीका लगने के बाद डर खत्म हो गया। अब अगला टीका भी आराम से लगा लूंगा। टीक लगाने के बाद हिम्मत बढ़ गई है।
- तनुज आदित्य, छात्र
टीकाकरण के लिए स्कूल भी तैयार
- टीकाकरण के लिए स्कूल में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी। स्कूल के हॉल में ही बच्चों को टीका लगाने की व्यवस्था की गई। टीका लगाने के बाद बच्चों को आधे घंटे तक खेलने की छुट्टी दी गई जिससे जिन बच्चों के मन में टीका लगने के बाद डर था वह भी दूर हो गया।
- सुरेश टम्टा, अध्यापक कुर्मांचल एकेडम,
12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोरोना का टीका लगाने में स्वास्थ्य विभाग का पूरा सहयोग मिला। कई बच्चे टीका लगाने को लेकर उत्साहित भी थे। कुछ बच्चे डर रहे थे जिन्हें उनके अभिभावकों और शिक्षकों के माध्यम से टीका लगाने के लिए तैयार किया गया। हमारी अपील है कि अपने बच्चे को कोरोना के खतरे से बचाने के लिए टीका अवश्य लगाएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरतें।
- केके पंत प्रधानाचार्य, कुर्मांचल एकेडमी अल्मोड़ा,
बच्चों को टीका लगने से अभिभावक भी राहत में
मेरी बेटी को पता था कि उसके स्कूल में बच्चों को कोरोना का टीका लगाना है जिस कारण वह सुबह थोड़ा डरी थी। फिर उसे टीके का महत्व बताया और उसके मन से डर निकाला। बेटी को टीका लगने से खुश हूं।
- पुष्पा उपाध्याय, अभिभावक
मेरी बेटी टीका लगाने के नाम पर खुश भी थी और थोड़ा डरी हुई भी थी। लेकिन जब सुबह स्कूल पहुंची तो और बच्चों के टीकाकरण की लाइन में खुद भी खड़ी हो गई। अब उसके मन में डर नहीं उत्साह है।
- जीत खत्री, अभिभावक,
बागेश्वर में 49 प्रतिशत टीकाकरण हुआ
बागेश्वर। जिले में 12 से 14 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों में टीकाकरण को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले में इस आयुवर्ग के 8734 लोगों को टीके लगाए जाने हैं। जिले में 49 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। 28 दिन बाद टीके की दूसरी डोज लगाई जाएगी। दूसरी डोज को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
16 मार्च से 12 से 14 आयुवर्ग के विद्यार्थियों को स्कूलों में कोविड टीके लगाए जा रहे हैं। स्कूलों में टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को कोविड-19 के टीके लगा रही है। नगर के विवेकानंद स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर हाईस्कूल समेत 27 विद्यालयों में इस आयुवर्ग के विद्यार्थियों को टीके लगाए जा रहे हैं। विवेकानंद इंटर कॉलेज में कक्षा 8 में पढ़ने वाले कार्तिक, सरस्वती शिशु मंदिर हाईस्कूल के छात्र पवन कुमार ने बताया कि सभी विद्यार्थियों में टीकाकरण को लेकर उत्साह है। कोरोना से टीका ही बचा सकता है। दूसरी डोज लगाने के लिए भी विद्यार्थियों में उत्साह है।
16 मार्च को पहले दिन बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ के नगरीय इलाकों में बने सात केंद्रों में 407 बच्चों को टीके लगाए गए थे। इसके बाद होली के चलते टीकाकरण का कार्यक्रम रुका हुआ था। 21 मार्च तक 1397 बच्चों का टीकाकरण हो चुका है।
22 से 24 मार्च तक 2883 बच्चों को टीके लगाए गए। अब तक 4280 बच्चों को स्कूलों में जाकर टीके लगाए जा चुके हैं। जिले में 49 प्रतिशत बच्चों को टीके लगाए जा चुके हैं। अगले 10 दिन में 12-14 आयुवर्ग के सारे बच्चों को टीके लग जाएंगे।
डॉ. प्रमोद जंगपांगी, नोडल अधिकारी, टीकाकरण