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Almora News: सोमेश्वर में सूखी नहरों में फिर बहेगा पानी, सिंचाई से लहलहाएंगे खेत

Wed, 05 Apr 2023 11:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Wed, 05 Apr 2023 11:04 PM IST
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Water Supply in Someshwar Canal
सोमेश्वर क्षेत्र में स्थित सिंचाई नहर।
संजय नयाल
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अल्मोड़ा। सोमेश्वर तहसील के छानी ल्वेशाल में किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने की कवायद शुरू हो चुकी है। सिंचाई विभाग कई वर्षों से क्षतिग्रस्त 4.6 किमी नहरों का सुधारीकरण करेगा। खेतों तक पानी पहुंचने से सिंचाई की वजह से बंजर हुए खेत फिर से लहलहाएंगे। नहरों के जीर्णोद्धार की स्वीकृति मिलने से क्षेत्र के चार हजार से अधिक किसानों के चेहरे पर खुशी है।
ताकुला विकासखंड के सोमेश्वर क्षेत्र में 27 नहरें लंबे समय से क्षतिग्रस्त थीं। इनमें पानी का बहाव बंद था और ये सूख चुकीं थीं। जल्द ही इनमें फिर से बहना शुरू होगा। सिंचाई खंड अल्मोड़ा के ईई मोहन सिंह रावत ने बताया कि पहले चरण में सात नहरों का सुधारीकरण और जीर्णोद्धार होगा जिसके लिए विभाग को 54 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है। नहरों के सूखने से क्षेत्र के चार हजार से अधिक किसान अपने खेतों को न सींच पाने से खेती से किनारा कर रहे थे। अब नहरों के फिर से अस्तित्व में आने से 77 हजार हेक्टेयर भूमि में पानी पहुंचेगा और बंजर खेतों में फिर से फसलें लहलहाएंगी।
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बता दें कि सोमेश्वर क्षेत्र में 27 नहरों के सुधारीकरण का प्रस्ताव शासन में भेजा गया था। इसमें से पहले चरण के लिए सात नहरों के सुधारीकरण के लिए स्वीकृति मिली है। अन्य 20 नहरों के जीर्णोद्धार की स्वीकृति भी जल्द मिलने की उम्मीद है।
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सब्जी, धान और गेहूं की होती है फसल
अल्मोड़ा। सोमेश्वर में आलू, हरी सब्जियां, गोभी, बैंगन, शिमला मिर्च, टमाटर, प्याज के साथ ही गेंहू, धान की खेती बहुतायत में होती है। किसान सिंचाई के पर्याप्त साधन व पानी न होने से मायूस थे। नहरों के सुधारीकरण से उन्हें इसका सीधा लाभ मिलेगा।


कहीं पानी का संकट तो कहीं आ रहा दूषित पानी
बागेश्वर। नगर पालिका क्षेत्र के ज्वालादेवी वार्ड में पेयजल संकट गहराने लगा है। वार्ड के एक हिस्से में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है तो दूसरे हिस्से में तीन दिन से पानी की बूंद तक नहीं टपकी है। पेयजल संकट से जूझ रहे उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।

ज्वालादेवी वार्ड में अमसरकोट पेयजल योजना और स्वैप के तहत बनी योजना से पीने के पानी की आपूर्ति हो रही है। स्वैप योजना से जुड़े मजियाखेत और कफलखेत क्षेत्र के कुछ उपभोक्ताओं को सोमवार से पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। नल में पानी न आने से लोगों को हैंडपंप और प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी जुटाना पड़ रहा है। तहसील परिसर के आसपास के क्षेत्र में दूषित पानी आने से उपभोक्ता परेशान हैं।
उपभोक्ता मनीष पांडेय ने बताया कि नल से मिल रहा पानी काफी गंदा और दूषित है जो पीने या अन्य घरेलू कार्य के लायक नहीं है। उपभोक्ता ललित पाठक ने बताया कि तीन दिन से नल सूखे हैं। पीने का पानी दूर से लाना पड़ रहा है।

नल से दूषित पानी आने की शिकायत मिली है। कर्मचारियों को टैंक और पाइप लाइन का निरीक्षण कर सफाई करवाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही उपभोक्ताओं को स्वच्छ पानी की आपूर्ति कराई जाएगी। - सीएस देवड़ी, ईई, जल संस्थान, बागेश्वर।

जलसंस्थान ने मार्च में 32 अवैध संयोजन काटे
बागेश्वर। जलसंस्थान ने अवैध कनेक्शनधारकों के खिलाफ दो माह तक सख्त रवैया अपनाया। विभाग ने बागेश्वर और कपकोट में अवैध संयोजन लेकर पानी पी रहे लोगों पर सख्ती बरती तो नए कनेक्शन लेने वालों की संख्या भी बढ़ गई। नतीजा यह रहा कि मार्च में जलसंस्थान को 144 नए उपभोक्ता मिल गए।
जल संस्थान ने बकाया बिलों की वसूली के लिए मार्च में अभियान चलाया तो कई घरों में अवैध पेयजल संयोजन होने का पता चला। नगर पालिका बागेश्वर और नगर पंचायत कपकोट क्षेत्र में जल संस्थान ने ऐसे 32 अवैध संयोजन काट दिए। इसका बड़ा असर हुआ और जल संस्थान के पास नए संयोजन के आवेदन आने लगे।



पिछले साल से 20 प्रतिशत अधिक रही वसूली

बागेश्वर। अवैध कनेक्शन के खिलाफ जलसंस्थान के चलाए जा रहे अभियान का असर बकाया बिलों की वसूली पर भी पड़ा है। विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष 92 प्रतिशत बकाया वसूला जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक रहा। इस साल जलसंस्थान ने 3.43 करोड़ रुपये के बकाया बिलों की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया था जिसके सापेक्ष 3.17 करोड़ रुपये वसूले गए। हालांकि बड़े बकायेदारों में शामिल राजस्व और वन विभाग ने बिलों का भुगतान नहीं किया है।








अवैध कनेक्शन जोड़कर पानी पीने और बकाया बिलों का भुगतान न करने वालों पर सख्ती बरती जा रही है। नोटिस जारी होने के बाद अधिकतर सरकारी विभागों ने बिलों का भुगतान कर दिया है। शेष बकायेदार विभागों को दोबारा नोटिस भेजा जा रहा है। - सीएस देवड़ी, ईई, जल संस्थान, बागेश्वर।
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