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खेती बाड़ी छोड़कर पीने का पानी जुटाने को मजबूर टिटौली, सकनणा के ग्रामीण

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Sep 2021 11:38 PM IST
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Water Crysis in manila
मानिला के टिटोली गांव में प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोती महिलाएं। - फोटो : ALMORA
मानिला (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लॉक के ग्राम टिटौली और सकनणा में पेयजल आपूर्ति ठप होने से इन दिनों ग्रामीण खेती बाड़ी छोड़कर पेयजल जुटाने के लिए मजबूर हैं। 15 दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं लेकिन इनसे भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है।
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टिटौली और सकनणा गांवों में मानिला- बर्किंडा पंपिग योजना से पेयजल आपूर्ति होती है। पिछले 15 दिन से इस योजना से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है। जल निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार समस्या से अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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गांवों में इन दिनों खेतीबाड़ी का काम भी चल रहा है लेकिन ग्रामीणों को खेतीबाड़ी छोड़कर मिलों दूर से पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। पानी की किल्लत होने से ग्रामीणों के लिए मवेशियों का पालन पोषण भी कठिन हो रहा है।
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ग्राम प्रधान भाष्करानंद और जितेंद्र घुगत्याल ने बताया कि मानिला- बर्किंडा पंपिग योजना से मानिला के साथ ही पूरे क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की जलापूर्ति होती है, लेकिन जलापूर्ति सुचारू रखने के लिए संबंधित विभाग के पास कर्मचारी नहीं हैं।
मात्र एक कर्मचारी के भरोसे पूरे मानिला क्षेत्र के ग्रामीण पेयजल आपूर्ति पर निर्भर रहते हैं। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
समस्या को लेकर क्या कहते हैं ग्रामीण
पानी ने आने से अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में लगा जाता है। जिससे खेती के साथ ही घर के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भर हैं। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है।
- अनीता तिवारी, ग्राम टिटौली
बच्चे नौकरी के सिलसिले में बाहर हैं। गांव में मैं और मेरी पत्नी अकेले रहते हैं। गांव में पानी की समस्या आम हो गई है। प्राकृतिक श्रोतों से भी कम पानी मिल पाता है। मानिला- बर्किंडा पंपिग योजना साल के अधिकांश समय खराब ही रहती है।
- बलवंत पटवाल, ग्राम सकनणा
टिटौली और सकनणा में 15 दिनों से पेयजल किल्लत बनी है। इसकी शिकायत कई बार संबंधित विभाग से कर चुके हैं लेकिन विभाग समस्या समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। विभाग को कम से कम इसका स्थाई समाधान करना चाहिए।
- भाष्करानंद, ग्राम प्रधान टिटौली
योजना निर्माण में विभाग ने लापरवाही बरती है। बार- बार कहने के बाद भी विभाग ने ग्राम सभा और तोकों के लिए आवश्यकता से कम क्षमता के टैंक बनाए। टैंकों को भरने के लिए भी विभाग पर्याप्त पानी नहीं देता। विभागीय कर्मचारियों से बार- बार कहने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता।

- जितेंद्र घुगत्याल, ग्राम प्रधान सकनणा
टिटौली और सकनणा गांव की पेयजल समस्या मेरे संज्ञान में आई है। यहां अधीक्षण अभियंता का तबादला होने से परेशानी आई थी। सोमवार को नए अभियंता के कार्यभार ग्रहण करने पर पेयजल समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। संबंधित विभाग में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का भी प्रयास रहेगा।
- महेश जीना, विधायक सल्ट
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