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जल संस्थान और जल निगम की आपसी झगड़े में पिसकर रह गए रानीखेत के लोग
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ताड़ीखेत में पानी भरते लोग। संवाद
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। जल संस्थान और जल निगम की तनातनी ताड़ीखेत और चिलियानौला के लोगों पर भारी पड़ रही है। क्षेत्र में पिछले पांच दिनोें से पेयजल संकट गहराया है। दोनों विभाग समाधान छोड़कर एक दूसरे पर दोषारोपण में लगे हैं।
जल संस्थान के अधिकारी कहते हैं कि हमें जल निगम पानी पंपिंग नहीं कर रहा, दूसरी ओर जल निगम के अपर सहायक अभियंता पंकज कुमार का कहना है कि पंपिंग साइड पर विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों का दावा है कि क्षेत्र में आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
सात अक्तूबर से चार दिन तक जारी बारिश से चिलियानौला नगर पालिका और ताड़ीखेत क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था ध्वस्त गई थी। पांच दिन से लोग पारंपरिक जल स्रोतों, हैंडपंपों पर निर्भर हैं। दूसरी तरफ जल निगम और जल संस्थान दोनों उदासीन बने हुए हैं और एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं।
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विभागों का यह रवैया आम है। पानी नहीं आने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल निगम का कहना है कि विद्युत व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण पंपिंग नहीं हो पा रही है। जल संस्थान के ईई सुरेश ठाकुर ने कहा कि जब जल निगम पंपिंग करेगा तभी तो विभाग पानी बांटेगा। यह स्थिति तब है जब रानीखेत क्षेत्र के लिए दो दो पंपिंग पेयजल योजनाएं चल रही हैं। ताड़ीखेत-गगास पेयजल पंपिंग योजना से 80 प्रतिशत पानी सेना को जाता है, जबकि 20 प्रतिशत पानी ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित होता है। दूसरी चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना से भी 29 से अधिक ग्रामसभाएं जुड़ी हुई हैं। इस योजना से भी बूंद पानी की नहीं टपक रही है। जिस कारण लोगों में भारी आक्रोश है।
-हमने पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी है। मेहलखंड का केवल एक तोक बाकी है। पेयजल योजना वाली लाइन बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे ही दुरुस्त कर दी गई थी, अब दोनों विभाग कुछ भी कहें। वहां पर आपूर्ति सुचारु कर दी गई है।
-सौरभ जोशी, एसडीओ, ऊर्जा निगम रानीखेत।
सल्ट में छठे दिन भी नहीं आया पानी
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लॉक की कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग योजना में छह दिन बाद भी पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। लोग एक से डेढ़ किमी दूर नौले, धारों से पानी ढो रहे हैं।
हालिया बारिश में सदरखोला के पास सड़क की दीवार ध्वस्त होने से कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग योजना की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। छह दिनों से पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। योजना से जुड़े सल्ट ब्लाक के औलेत, मुनडा, तडी, हिनौला, पोखरी, मोहरखेत, सकरखोला,जालीखान, कपराढय्या, शशीखाल, नपटुवा, भ्याड़ी, रिक्वासी, देवायल, मौलेखाल , टुकनोली, डगुला, थला आदि गांवों में बृहस्पतिवार को भी पेयजल आपूर्ति ठप रही।
पानी न आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग एक से डेढ़ किमी दूर जल स्रोतों, नौलों से पानी ढो रहे हैं। जल स्रोतों में भीड़ होने से लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का अधिकतर समय पानी जुटाने में ही बर्बाद हो रहा है।
कोट
हाल में हुई बारिश में कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग योजना की पाइप कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। योजना का मरम्मत का कार्य चल रहा है। जल्द काम पूरा कर पानी की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
राजेंद्र भौर्याल, जेई जल संस्थान भिकियासैंण
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जल संस्थान के अधिकारी कहते हैं कि हमें जल निगम पानी पंपिंग नहीं कर रहा, दूसरी ओर जल निगम के अपर सहायक अभियंता पंकज कुमार का कहना है कि पंपिंग साइड पर विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों का दावा है कि क्षेत्र में आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
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सात अक्तूबर से चार दिन तक जारी बारिश से चिलियानौला नगर पालिका और ताड़ीखेत क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था ध्वस्त गई थी। पांच दिन से लोग पारंपरिक जल स्रोतों, हैंडपंपों पर निर्भर हैं। दूसरी तरफ जल निगम और जल संस्थान दोनों उदासीन बने हुए हैं और एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं।
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विभागों का यह रवैया आम है। पानी नहीं आने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल निगम का कहना है कि विद्युत व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण पंपिंग नहीं हो पा रही है। जल संस्थान के ईई सुरेश ठाकुर ने कहा कि जब जल निगम पंपिंग करेगा तभी तो विभाग पानी बांटेगा। यह स्थिति तब है जब रानीखेत क्षेत्र के लिए दो दो पंपिंग पेयजल योजनाएं चल रही हैं। ताड़ीखेत-गगास पेयजल पंपिंग योजना से 80 प्रतिशत पानी सेना को जाता है, जबकि 20 प्रतिशत पानी ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित होता है। दूसरी चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना से भी 29 से अधिक ग्रामसभाएं जुड़ी हुई हैं। इस योजना से भी बूंद पानी की नहीं टपक रही है। जिस कारण लोगों में भारी आक्रोश है।
-हमने पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी है। मेहलखंड का केवल एक तोक बाकी है। पेयजल योजना वाली लाइन बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे ही दुरुस्त कर दी गई थी, अब दोनों विभाग कुछ भी कहें। वहां पर आपूर्ति सुचारु कर दी गई है।
-सौरभ जोशी, एसडीओ, ऊर्जा निगम रानीखेत।
सल्ट में छठे दिन भी नहीं आया पानी
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लॉक की कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग योजना में छह दिन बाद भी पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। लोग एक से डेढ़ किमी दूर नौले, धारों से पानी ढो रहे हैं।
हालिया बारिश में सदरखोला के पास सड़क की दीवार ध्वस्त होने से कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग योजना की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। छह दिनों से पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। योजना से जुड़े सल्ट ब्लाक के औलेत, मुनडा, तडी, हिनौला, पोखरी, मोहरखेत, सकरखोला,जालीखान, कपराढय्या, शशीखाल, नपटुवा, भ्याड़ी, रिक्वासी, देवायल, मौलेखाल , टुकनोली, डगुला, थला आदि गांवों में बृहस्पतिवार को भी पेयजल आपूर्ति ठप रही।
पानी न आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग एक से डेढ़ किमी दूर जल स्रोतों, नौलों से पानी ढो रहे हैं। जल स्रोतों में भीड़ होने से लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का अधिकतर समय पानी जुटाने में ही बर्बाद हो रहा है।
कोट
हाल में हुई बारिश में कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग योजना की पाइप कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। योजना का मरम्मत का कार्य चल रहा है। जल्द काम पूरा कर पानी की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
राजेंद्र भौर्याल, जेई जल संस्थान भिकियासैंण