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ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट गहराया
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा
Updated Sun, 23 Apr 2017 11:31 PM IST
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लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण पेयजल योजनाओं के स्रोतों में पानी कम होते जा रहा है। इससे जिले के कई गांवों में जबरदस्त पेयजल संकट बना हुआ है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का अधिकांश समय अपने लिए और मवेशियों के लिए पानी जुटाने में बर्बाद हो जा रहा है।
गर्मी बढ़ने के कारण विभिन्न पेयजल योजनाओं के मुख्य स्रोतों में पानी कम हो गया है। इससे पेयजल योजनाओं से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिले के नौगांव, बरम, मझाऊं, बाराकोट, थामथोली, सैनोली, दन्योली, कनोली आदि गांवों में लंबे समय से पानी की किल्लत चल रही है। इन दिनों शादी का सीजन भी चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन शादियां हो रही हैं। पेयजल संकट के कारण बारातों में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का पूरा दिन परिवार और मवेशियों के लिए पानी जुटाने में ही बर्बाद हो जा रहा है।
स्थिति यह है कि ग्रामीण दो से तीन किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप भी नहीं है। एक मात्र नौले और प्राकृतिक जल स्रोत ही लोगों की प्यास बुझाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी में और इजाफा हुआ तो भविष्य में जल संकट और गहरा जाएगा। कनोली निवासी सीएस बिष्ट ने बताया कि नौले में भी पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शादी कार्यक्रमों में सबसे ज्यादा दिक्कतें हो रही है।
गर्मी बढ़ने के कारण विभिन्न पेयजल योजनाओं के मुख्य स्रोतों में पानी कम हो गया है। इससे पेयजल योजनाओं से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिले के नौगांव, बरम, मझाऊं, बाराकोट, थामथोली, सैनोली, दन्योली, कनोली आदि गांवों में लंबे समय से पानी की किल्लत चल रही है। इन दिनों शादी का सीजन भी चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन शादियां हो रही हैं। पेयजल संकट के कारण बारातों में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का पूरा दिन परिवार और मवेशियों के लिए पानी जुटाने में ही बर्बाद हो जा रहा है।
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स्थिति यह है कि ग्रामीण दो से तीन किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप भी नहीं है। एक मात्र नौले और प्राकृतिक जल स्रोत ही लोगों की प्यास बुझाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी में और इजाफा हुआ तो भविष्य में जल संकट और गहरा जाएगा। कनोली निवासी सीएस बिष्ट ने बताया कि नौले में भी पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शादी कार्यक्रमों में सबसे ज्यादा दिक्कतें हो रही है।
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