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विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिले
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ेंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से पुरस्कार ग्रहण करते वीपीकेएस संस्थान के निदेशक डा. अरु?
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के 91वें स्थापना दिवस समारोह में विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस)के वैज्ञानिकों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया। संस्थान के निदेशक डॉ. अरुणव पटनायक समेत वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और संस्थान के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र की ओर से दिया गया।
मंगलवार को आयोजित समारोह में संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र, चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) को पं दीन दयाल उपाध्याय क्षेत्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार जोन एक के चार राज्यों जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब एवं उत्तराखंड के 71 कृषि विज्ञान केंद्रों के मध्य कृषि तकनीकी प्रसार और कृषक प्रशिक्षण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए प्रदान किया गया। पुरस्कार कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के प्रभारी डॉ. पंकज नौटियाल और संस्थान के निदेशक डॉ. अरुणव पट्टनायक ने प्राप्त किया। दूसरा पुरस्कार संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र कुमार को भूमि एवं जल प्रबंधन अभियांत्रिकी के क्षेत्र में शोध के लिए जवाहर लाल नेहरू पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जबकि संस्थान को तीसरा पुरस्कार जनजातीय कृषि पद्धतियों में उत्कृष्ट शोध के लिए फखरूद्दीन अली अहमद से सम्मानित किया गया।
संस्थान के निदेशक डॉ. अरुणव पटनायक के नेतृत्व में डॉ. राजेश खुल्बे, डॉ. बृज मोहन पांडे, डॉ. कुशाग्रा जोशी द्वारा उत्तराखंड के जौनसार जनजातीय क्षेत्र के अंगीकृत गांवों में पारंपरिक कृषि पद्धतियों में विभिन्न उन्नत कृषि तकनीकों के समावेश द्वारा कृषकों की आजीविका सुरक्षा एवं आय वृद्धि की दिशा में कार्य किया गया। जिसमें संकर प्रजाति वीएमएच 45 द्वारा मक्का की उत्पादकता लगभग डेढ़ गुना बढ़ाने में और विद्युत-चालित लघु मक्का शैलर द्वारा मक्का की गुड़ाई में लगने वाले समय को लगभग आठ गुना कम कर कठिन महिला श्रम को कम करना प्रमुख था।
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मंगलवार को आयोजित समारोह में संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र, चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) को पं दीन दयाल उपाध्याय क्षेत्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार जोन एक के चार राज्यों जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब एवं उत्तराखंड के 71 कृषि विज्ञान केंद्रों के मध्य कृषि तकनीकी प्रसार और कृषक प्रशिक्षण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए प्रदान किया गया। पुरस्कार कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के प्रभारी डॉ. पंकज नौटियाल और संस्थान के निदेशक डॉ. अरुणव पट्टनायक ने प्राप्त किया। दूसरा पुरस्कार संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र कुमार को भूमि एवं जल प्रबंधन अभियांत्रिकी के क्षेत्र में शोध के लिए जवाहर लाल नेहरू पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जबकि संस्थान को तीसरा पुरस्कार जनजातीय कृषि पद्धतियों में उत्कृष्ट शोध के लिए फखरूद्दीन अली अहमद से सम्मानित किया गया।
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संस्थान के निदेशक डॉ. अरुणव पटनायक के नेतृत्व में डॉ. राजेश खुल्बे, डॉ. बृज मोहन पांडे, डॉ. कुशाग्रा जोशी द्वारा उत्तराखंड के जौनसार जनजातीय क्षेत्र के अंगीकृत गांवों में पारंपरिक कृषि पद्धतियों में विभिन्न उन्नत कृषि तकनीकों के समावेश द्वारा कृषकों की आजीविका सुरक्षा एवं आय वृद्धि की दिशा में कार्य किया गया। जिसमें संकर प्रजाति वीएमएच 45 द्वारा मक्का की उत्पादकता लगभग डेढ़ गुना बढ़ाने में और विद्युत-चालित लघु मक्का शैलर द्वारा मक्का की गुड़ाई में लगने वाले समय को लगभग आठ गुना कम कर कठिन महिला श्रम को कम करना प्रमुख था।
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