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सड़क के लिए ग्रामीणों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी
Sat, 04 May 2019 12:34 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो द्वाराहाट (अल्मोड़ा)।
अमर उजाला ब्यूरो द्वाराहाट (अल्मोड़ा)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sat, 04 May 2019 12:34 AM IST
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कफड़ा तिपौला मार्ग निर्माण के लिए बैठक करते संघर्ष समिति के लोग।
- फोटो : AMAR UJALA
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कफड़ा-तिपौला रोड निर्माण संघर्ष समिति ने 15 जून से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है। समिति का कहना है कि शासन-प्रशासन को कई पत्र भेजे गए, लेकिन आज तक कोई भी उत्तर नहीं दिया जा रहा है। बता दें कि कफड़ा-तिपौला मोटर मार्ग का निर्माण कार्य वर्षों बाद भी पूरा नहीं हुआ है। जिसके चलते सैकड़ों ग्रामीण यातायात सुविधा से वंचित हैं। मोटर मार्ग के तहत खीरो नदी पर निर्माणाधीन पुल चार साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
कफड़ा-तिपौला रोड निर्माण संघर्ष समिति की यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने शासन-प्रशासन की नीतियों की जमकर आलोचना की, कहा कि इस मोटर मार्ग को लेकर कई बार आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से ग्रामीणों को गुमराह किया गया है। कहा कि 18 जनवरी को मुख्यमंत्री और कुमाऊं मंडल आयुक्त को, 13 फरवरी मुख्य अभियंता कुमाऊं, जिलाधिकारी को तथा इससे पहले पांच फरवरी को अधिशासी अभियंता को पत्र भेजे गए, लेकिन इन पत्रों का आज तक जवाब भी नहीं आया है। संघर्ष समिति ने कहा कि डेढ़ माह का शासन-प्रशासन को और समय दिया जाएगा। 14 जून तक इस संबंध में सार्थक कार्रवाई नहीं हुई तो 15 जून से ग्रामीण आमरण अनशन शुरू कर देंगे। कहा कि खीरो नदी पर निर्माणाधीन पुल की निविदाएं 2015 में लग चुकी हैं, लेकिन चार साल बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। रोड निर्माण में अधिग्रहीत भूमि का काश्तकारों को 15 वर्ष बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। बैठक में संघर्ष समिति के अध्यक्ष बचे सिंह बिष्ट, प्रधान बीना देवी, धन्यारी की प्रधान कमला देवी, बसंती देवी, प्रकाश सिंह, माधो सिंह, लाल सिंह, भूपाल अधिकारी, अनूप अधिकारी, बचे सिंह, गोपाल अधिकारी, हरीश सिंह, प्रेम सिंह, कुंदन सिंह, मोहन सिंह, भूपेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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कफड़ा-तिपौला रोड निर्माण संघर्ष समिति की यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने शासन-प्रशासन की नीतियों की जमकर आलोचना की, कहा कि इस मोटर मार्ग को लेकर कई बार आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से ग्रामीणों को गुमराह किया गया है। कहा कि 18 जनवरी को मुख्यमंत्री और कुमाऊं मंडल आयुक्त को, 13 फरवरी मुख्य अभियंता कुमाऊं, जिलाधिकारी को तथा इससे पहले पांच फरवरी को अधिशासी अभियंता को पत्र भेजे गए, लेकिन इन पत्रों का आज तक जवाब भी नहीं आया है। संघर्ष समिति ने कहा कि डेढ़ माह का शासन-प्रशासन को और समय दिया जाएगा। 14 जून तक इस संबंध में सार्थक कार्रवाई नहीं हुई तो 15 जून से ग्रामीण आमरण अनशन शुरू कर देंगे। कहा कि खीरो नदी पर निर्माणाधीन पुल की निविदाएं 2015 में लग चुकी हैं, लेकिन चार साल बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। रोड निर्माण में अधिग्रहीत भूमि का काश्तकारों को 15 वर्ष बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। बैठक में संघर्ष समिति के अध्यक्ष बचे सिंह बिष्ट, प्रधान बीना देवी, धन्यारी की प्रधान कमला देवी, बसंती देवी, प्रकाश सिंह, माधो सिंह, लाल सिंह, भूपाल अधिकारी, अनूप अधिकारी, बचे सिंह, गोपाल अधिकारी, हरीश सिंह, प्रेम सिंह, कुंदन सिंह, मोहन सिंह, भूपेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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