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Uttarakhand: राजौरी में सर्च ऑपरेशन के दौरान अल्मोड़ा के लेफ्टिनेंट बलिदान, नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Sun, 07 Jun 2026 10:49 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Published by: Alka Tyagi Updated Sun, 07 Jun 2026 10:49 PM IST
सार

बलिदानी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर का पार्थिव शरीर सेना के विमान से जम्मू से पंतनगर एयरपोर्ट लाया गया। वहां से सेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से अल्मोड़ा स्थित आर्मी हेलीपैड पहुंचाया गया।

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Uttarakhand: Lieutenant martyred during search operation in Rajouri bid a tearful Funeral
बलिदानी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान बलिदान हुए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का पार्थिव शरीर रविवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अल्मोड़ा पहुंचा। अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

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बलिदानी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर का पार्थिव शरीर सेना के विमान से जम्मू से पंतनगर एयरपोर्ट लाया गया। वहां से सेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से अल्मोड़ा स्थित आर्मी हेलीपैड पहुंचाया गया। हेलीपैड पर सेना के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक अंतिम सलामी दी। इसके बाद सेना के वाहन में पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके पांडेखोला स्थित आवास ले जाया गया। रास्ते भर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। अनेक स्थानों पर लोगों ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर पुष्प वर्षा की और बलिदानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नगर भारत माता की जय और बलिदानी बीरेश्वर गोस्वामी अमर रहे के जयकारों से गूंज उठा।
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पांडेखोला स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी। परिजन, रिश्तेदार, मित्र, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी वहां पहुंचे और बलिदानी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। तिरंगे से लिपटे बेटे का पार्थिव शरीर देखकर माता पिता और अन्य परिजन बिलख बिलख कर रो पडे़।
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इस दौरान हर आंख नम दिखाई दी। अंतिम दर्शन के बाद बलिदानी बीरेश्वर गोस्वामी की अंतिम यात्रा निकाली गई। उनकी पार्थिव देह को विश्वनाथ घाट ले जाया गया जहां पूरे सैन्य सम्मान और रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बलिदानी के चाचा और उनके बड़े भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। विश्वनाथ घाट पर आयोजित अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारतीय सेना ने शस्त्र झुकाकर एवं गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर बलिदानी अधिकारी को अंतिम सलामी दी गई। सैन्य परंपराओं के अनुरूप पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

इस दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने बलिदानीलेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा उन्होंने शोक संतृप्त परिवार के प्रति गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। 

दो दिन बाद बनने वाले थे कैप्टन
लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का सैन्य कॅरिअर बेहद उज्ज्वल था। जनवरी 2023 में सेना में शामिल होने के बाद जून 2024 में उन्हें कमीशन मिला था। ठीक दो दिन बाद ही वह कैप्टन बनने वाले थे। परिवार और सहकर्मी इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रहे थे लेकिन इससे पहले ही वह देश सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दे गए।

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