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अब अल्मोड़ा में हो सकेगा हीमोफीलिया का उपचार
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:49 PM IST
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हीमोफीलिया के रोगियों का उपचार अब अल्मोड़ा में संभव हो सकेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत अल्मोड़ा के बेस अस्पताल में हीमोफीलिया के रोगियों का निशुल्क उपचार कर उनको इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था कर दी गई है। जिले में हीमोफीलिया के वर्तमान में तीन रोगी सामने आए हैं। ये तीनों आठ से 10 साल के बच्चे हैं।
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दरअसल मनुष्य के शरीर में थ्रंबोप्लास्ंिटन पदार्थ की कमी होने पर शरीर से बहने वाला खून रुकता नहीं है यानी की रक्त में थक्का नहीं जमता और लगातार खून बहने की समस्या जानलेवा साबित होती है। इधर जब स्वास्थ्य विभाग को अल्मोड़ा जिले में भिकियासैंण में एक और धौलादेवी में आठ से दस साल के दो बच्चे हीमोफीलिया रोग से ग्रस्त मिले तो आनन-फानन में स्वास्थ्य महकमा इसको लेकर हरकत में आया।
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डीएम ईवा आशीष और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. निशा पांडे के लगातार प्रयास के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा हीमोफीलिया रोगियों के लिए अल्मोड़ा के बेस अस्पताल में निशुल्क इंजेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। हीमोफीलिया के रोगियों का उपचार अब तक हल्द्वानी, कोटद्वार और देहरादून में ही संभव हो पाता था। बाजार में हीमोफीलिया रोग का यह इंजेक्शन करीब दो हजार रुपये का आता है। स्वास्थ्य विभाग ने हीमोफीलिया रोग से पीड़ित व्यक्तियों के लिए टोल फ्री नंबर 104 में पंजीकरण कराने की व्यवस्था भी कर दी है। ताकि महानिदेशालय द्वारा रोगी का सत्यापन कर उसे इंजेक्शन उपलब्ध कराया जा सके।
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