रामगंगा का अस्तित्व बचाने को कांवड़ यात्रा
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अमर उजाला फाउंडेशन के गगास बचाओ अभियान से प्रेरित होकर क्षेत्र के कांवड़ यात्रियों की टीम ने रामगंगा का अस्तित्व बचाने का संकल्प लेते हुए उस पर कार्य करना शुरू कर दिया है। टीम ने हरेले के मौके पर रामगंगा के उद्गम स्थल कालीमाटी के रामनाली (चमोली) में खालों के निर्माण के साथ ही पौधरोपण अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए वहां के स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग भी लिया जा रहा है। रामगंगा बचाओ युवा टोली का कहना है कि रामगंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए गैरसैंण से चौखुटिया तक पौधरोपण अभियान चलाया जाना जरूरी है।
रामगंगा बचाओ सेवा समिति के माध्यम से युवाओं ने रामगंगा बचाओ कांवड़ यात्रा निकालते हुए कालीमाटी के रामनाली में पौधरोपण भी शुरू कर दिया है। हरेले के मौके पर शुरू किए गए इस अभियान के दौरान पौधरोपण के साथ ही खाल भी बनाए गए। इस कार्य में कालीमाटी के स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में शामिल रहे।
कार्यक्रम के संयोजक एलडी मठपाल और डॉ. कुलदीप बिष्ट ने बताया कि रामगंगा के अस्तित्व को बचाने की दिशा में पिछले कुछ महीनों से चिंतन चल रहा था। इस बीच अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुरू की गई गगास बचाओ यात्रा से उन्हें इस कार्य के लिए बड़ी प्रेरणा मिली। इसीलिए उन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर जाने के बजाए रामगंगा बचाओ कांवड़ यात्रा निकालने की ठानी है।
इसके माध्यम से रामगंगा के किनारे और इसमें समाहित होने वाले नालों के किनारे पौधरोपण किया जाता रहेगा। हरेला के मौके पर रामनाली में किए गए पौधरोपण में डॉ. कुलदीप सिंह बिष्ट और एलडी मठपाल के अलावा राजू पांडे, विजय पांडे, बीरेंद्र बिष्ट, दरबान सिंह बिष्ट, भूपाल सिंह बिष्ट, लीला जोशी, दीपू बिष्ट, आनंद मनराल, वीरेंद्र कुमयां, सुंदर मेहरा, राजेश अग्रवाल, मनीष जोशी, भुवन फुलोरिया, मोहन गोस्वामी, खुशाल रावत सहित कई लोग शामिल हुए। यात्री अपने साथ बेलचा और फावड़ा आदि लेकर भी चल रहे हैं।