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Almora News: महिला ने तीन बच्चों को दिया जन्म, सभी स्वस्थ

Sun, 18 Jun 2023 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Sun, 18 Jun 2023 11:44 PM IST
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Three Son Born in Almora
मेडिकल कॉलेज में नवाजात तीन बच्चे। संवाद
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में एक महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया है। गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों को महिला का सिजेरियन प्रसव कराना पड़ा। अनुमानित तिथि से करीब 37 दिन पूर्व प्रसव होने के बावजूद जच्चा और बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। एक साथ तीन बच्चों के जन्म का यह मामला चर्चा का विषय बना है जबकि गर्भ में तीन भ्रूण होने का पता चलने पर महिला और उसके परिजनों ने गर्भपात कराने की इच्छा जताई थी लेकिन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की काउंसलिंग के बाद उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया।
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मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार नगर के टम्टा मोहल्ला निवासी माया टम्टा को गर्भधारण के बाद हुई जांच में गर्भ में तीन भ्रूण होने का पता चला तो उन्होंने और परिजनों ने गर्भपात कराने की इच्छा जताई लेकिन मेडिकल कॉलेज के महिला रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्वेता ने उन्हें सफल प्रसव का भरोसा दिलाया तो उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया। तब से वह चिकित्सकों की लगातार निगरानी में थीं।
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बीते शनिवार को माया को सांस लेने में दिक्कत के साथ तेज प्रसव पीड़ा हुई तो वह मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उनका सिजेरियन प्रसव कराया जो सफल रहा। ऑपरेशन के बाद उन्होंने तीन बेटों को जन्म दिया। डॉ. श्वेता के मुताबिक तीनों बच्चे और मां स्वस्थ हैं। एक बच्चे का वजन 1.9 किलो, दूसरे का दो और तीसरे का 2.1 किलोग्राम है जो मानकों के अनुरूप सही है। बताया कि माया के जच्चा बच्चा कार्ड में प्रसव की संभावित तिथि 25 जुलाई अंकित है। इस तिथि से 37 दिन पूर्व सुरक्षित प्रसव से पूरी टीम के हौसले बुलंद हैं तो परिजनों में खुशी।
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दस लाख महिलाओं में से एक के हो सकते हैं तीन बच्चे, होता है उच्च जोखिम वाला प्रसव
अल्मोड़ा। डॉ. श्वेता ने बताया कि प्राकृतिक रूप से एक साथ तीन बच्चों का जन्म बहुत कम होता है। बताया कि आईवीएफ तकनीक से गर्भधारण करने वाली महिला के एक से अधिक बच्चों को जन्म देने की संभावना रहती है जबकि प्राकृतिक रूप से दस लाख गर्भवतियों में से महज एक या दो में दो से अधिक भ्रूण पल सकते हैं। तीन भ्रूण वाली महिला को उच्च जोखिम वाला प्रसव माना जाता है जो बेहद संवेदनशील मामला होता है।



महिला का है तीसरा प्रसव
अल्मोड़ा। डॉ. श्वेता ने बताया कि महिला का तीसरा प्रसव है। उनका पहले आठ साल का बेटा है। एक बेटी का चार साल की उम्र में निधन हो गया था। उसके दिल में छेद था। तीसरी बार गर्भधारण के बाद तीन भ्रूण होने से वह डर गईं थीं लेकिन उन्हें समझाया गया तो उन्होंने कॉलेज प्रबंधन पर भरोसा किया।
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