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अल्मोड़ा में तीन दिवसीय कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 13 Nov 2016 11:15 PM IST
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The three-day conference in Almora Kumaoni language
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। जयश्री होटल मैनेजमेंट संस्थान के चेयरमैन डॉ. भानुप्रकाश जोशी ने कहा कि जल्द ही संस्थान के पाठ्यक्रम में कुमाऊंनी भाषा पढ़ाई जाएगी। वहीं मुख्य अतिथि साहित्यकार डॉ. प्रयाग जोशी ने कहा कि कुमाऊंनी भाषा में साहित्य लिखने वाले लेखक तो काफी हैं लेकिन पुस्तकों के पाठक, खरीदार काफी कम हैं। कुमाऊंनी भाषा में स्तरीय कहानी साहित्य लिखा जा रहा है। इसलिए कुमाऊंनी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के रचनाकारों को पढ़ने और समझने की जरूरत है।
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कुमाऊंनी भाषा, साहित्य, संस्कृति प्रचार समिति, कुमाऊंनी मासिक पत्रिका पहरु की ओर से धारानौला स्थित जिला पंचायत सभागार में चल रहे तीन दिनी कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन के दूसरे दिन डॉ. जोशी ने सम्मेलन में 1500-1600 ईस्वी के आसपास कुमाऊंनी भाषा में लिखी गई चंद राजवंश से बही दिखाई। उन्होंने बताया कि उन्हें यह बही पिथौरागढ़ के धींगतड़ गांव निवासी नंदकिशोर पधान के घर मिली। यह राजवंश के राजा बाज बहादुर चंद से संबंधित है।
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उन्होंने बताया कि वह कुमाऊंनी भाषा में लिखी गई तीन बहियों में कार्य कर चुके हैं और एक बही पर काम चल रहा है। समिति के सचिव डॉ. हयात सिंह रावत ने कहा कि आज कुमाऊंनी साहित्य का इतिहास और कुमाऊंनी व्याकरण लिखे जाने की जरूरत है क्योंकि कुमाऊंनी में करीब 800 लेखक लिख रहे हैं। साहित्यकार जुगल किशोर पेटशाली ने कुमाऊंनी आण-काथ, कहावत सुनाई। शोधार्थी प्रवेश जोशी ने 1863-65 के आसपास की चिंतामणि जोशी द्वारा लिखित कुमाऊंनी भाषा की पांडुलिपि का भी प्रदर्शन किया।
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अध्यक्षता सांसद प्रतिनिधि मोतीलाल वर्मा ने की। इस दौरान पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, महंत त्रिभुवन गिरी, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. हेम चंद्र दुबे, उदय किरौला, मोहन जोशी, दयानंद आर्या, गिरीश चंद्र बिष्ट, डॉ. कपिलेश भोज, धाराबल्लभ पांडे, धर्मानंद शर्मा, कैलाश डोलिया, लता पांडे, रमेश हितेषी, दयानंद कठैत, शिव दत्त पपनै, कृपाल शीला, धीरेश जोशी, तारा त्रिपाठी, ललित सिराड़ी आदि थे।
अल्मोड़ा। सम्मेलन में वरिष्ठ साहित्यकार त्रिभुवन गिरी को शेर सिंह मेहता कुमाऊंनी उपन्यास लेखन पुरस्कार, बाल साहित्यकार खुशाल सिंह खनी को बहादुर बोरा श्री बंधु कुमाऊंनी कहानी पुरस्कार, पत्रकार डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट को पुष्पलता जोशी स्मृति कुमाऊंनी साहित्य सेवा सम्मान, डॉ. कीर्तिबल्लभ सक्टा को बहादुर सिंह बनौला कुमाऊंनी साहित्य सेवा सम्मान, पवनेश ठकुराठी, कृष्ण मिश्रा को भारतेंदु निर्मल जोशी कुमाऊंनी समालोचना पुरस्कार, संजय पाठक को कुमाऊंनी व्यंग्य लेखन पुरस्कार दिए गए।
अल्मोड़ा। सम्मेलन में रमेश हितेषी का कविता संग्रह ढकि द्वार, त्रिलोक सिंह सतवाल का गीत संग्रह फुलदेई गीतिका, पवनेश ठकुराठी के रिपोर्ताज संग्रह सम्मेलन, संगोष्ठियों बैं आदि पुस्तकों का लोकार्पण किया गया।