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तीसरे आमरण अनशनकारी को भी प्रशासन ने जबरन उठाया
अमर उजाला ब्यूरो द्वाराहाट (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 17 Jul 2017 10:40 PM IST
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आमरण अनशनकारी को उठाते प्रशासन के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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चिन्हीकरण की मांग को लेकर तीसरे चरण के आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारी गोपाल राणा को भी प्रशासन की टीम ने देर शाम जबरन उठा लिया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने प्रशासन की टीम का जमकर विरोध किया। उधर, कुंदन राम चौथे चरण के आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी एक सूत्रीय मांग पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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मालूम हो कि राज्य आंदोलनकारी पिछले 15 दिनों से लगातार आमरण अनशन कर रहे हैं। दो आमरण अनशनकारियों को प्रशासन पूर्व में उठा चुका था, पिछले सात दिन से गोपाल राणा डटे हुए थे। उनके स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट आ रही थी, इससे घबराए प्रशासन ने देर शाम एसडीएम फिंचा राम और एसआई बीआर पौरी के नेतृत्व में गोपाल राणा को जबरन उठा लिया। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती करा दिया है, इससे अन्य आंदोलनकारियों में आक्रोश है, कहा कि प्रशासन ने हर बार उन्हें गुमराह किया है।
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झूठे आश्वासनों के माध्यम से पूर्व में तमाम आंदोलन तुड़वाए, जिसके चलते आमरण अनशन की नौबत आई है। कहा कि जब तक उनकी चिन्हीकरण की मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चौथे चरण में राज्य आंदोलनकारी कुंदन राम आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
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राज्य आंदोलनकारी संगठन के अध्यक्ष मनोज अधिकारी ने कहा है कि 21 जुलाई को जिलाधिकारी ने मांग पर सार्थक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है, यदि आश्वासन सार्थक नहीं हुआ तो फिर से चक्काजाम के साथ आंदोलन उग्र कर दिया जाएगा। गोपाल सिंह, रतन सिंह, रवि जोशी, चंदू उपाध्याय, दर्शन कुमार, हिम्मत सिंह, नवीन आर्या, नवीन मैनाली, कैलाश चंद्र शाह, पूरन चंद्र त्रिपाठी, मोहन चंद्र त्रिपाठी आदि आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे।