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डामरीकरण के दो महीने बाद ही हो गए गड्ढे
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अल्मोड़ा-घिंघारीखाल मार्ग में डामर उखड़ने से हुए गड्ढे।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। क्वारब-अल्मोड़ा-घिंगारीखाल-गगास राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब दो महीने पहले हुए डामरीकरण ने सरकारी कामकाज की पोल खोल दी है। डामरीकरण दो महीने भी नहीं टिक पाया। सड़क में कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं जिससे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है।
क्वारब-अल्मोड़ा-घिंगारीखाल-गगास राष्ट्रीय राजमार्ग 52 किमी लंबा है। मार्ग पर डामरीकरण के लिए सरकार से 32 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। इस धनराशि से मार्ग पर डामरीकरण के साथ ही सड़क के किनारे नालियों का निर्माण समेत अन्य कार्य किए जाने हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने सड़क पर डामरीकरण का काम अक्तूबर में शुरू किया था। सड़क पर 40 किमी तक विभाग ने पहले चरण में आठ सेमी की मोटाई का डामरीकरण किया लेकिन लोअर मॉलरोड, स्यालीधार के पास, मटेला, कोसी आदि स्थानों पर डामर उखड़ गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एमपीएस कालाकोटी ने बताया कि अभी पहले चरण का डामरीकरण हुआ है। पाला गिरने, तापमान में गिरावट आने और पानी से डामर उखड़ा है। तापमान में गिरावट के चलते काम रोका गया है। जिन स्थानों पर डामर उखड़ा हुआ है वहां मार्च में दोबारा डामरीकरण किया जाएगा। इस संबंध में ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। सड़क में दूसरे चरण में चार सेमी की मोटी परत डाली जाएगी।
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क्वारब-अल्मोड़ा-घिंगारीखाल-गगास राष्ट्रीय राजमार्ग 52 किमी लंबा है। मार्ग पर डामरीकरण के लिए सरकार से 32 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। इस धनराशि से मार्ग पर डामरीकरण के साथ ही सड़क के किनारे नालियों का निर्माण समेत अन्य कार्य किए जाने हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने सड़क पर डामरीकरण का काम अक्तूबर में शुरू किया था। सड़क पर 40 किमी तक विभाग ने पहले चरण में आठ सेमी की मोटाई का डामरीकरण किया लेकिन लोअर मॉलरोड, स्यालीधार के पास, मटेला, कोसी आदि स्थानों पर डामर उखड़ गया।
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राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एमपीएस कालाकोटी ने बताया कि अभी पहले चरण का डामरीकरण हुआ है। पाला गिरने, तापमान में गिरावट आने और पानी से डामर उखड़ा है। तापमान में गिरावट के चलते काम रोका गया है। जिन स्थानों पर डामर उखड़ा हुआ है वहां मार्च में दोबारा डामरीकरण किया जाएगा। इस संबंध में ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। सड़क में दूसरे चरण में चार सेमी की मोटी परत डाली जाएगी।
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