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Almora News: पहाड़ की पीड़ा... कब होगी इस अंधेरी रात की सुबह
Wed, 03 Dec 2025 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 03 Dec 2025 11:34 PM IST
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बागेश्वर। पर्वतीय क्षेत्रों के कई गांवों का सड़क से न जुड़ पाने से लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है लेकिन सिस्टम चुप्पी साध लेता है। मटियोली गांव की अनीता देवी घास काटते वक्त पेड़ से गिर पड़ीं। कमर में गंभीर चोट लगी, दर्द इतना कि कदम भी नहीं उठ पा रहे थे। ऐसे में गांववालों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। उन्हें डोली में लादकर ग्रामीण अशोक नेगी, कौस्तुभ फुलारा, चंदन नेगी, देव सिंह, भूपाल सिंह, जगत सिंह आदि ने गांव से ताछनी पांच किलोमीटर दूर उबड़-खाबड़, संकरे रास्तों से सड़क तक पहुंचाया।
हर मोड़ पर फिसलने का डर, हर ढलान पर डोली के उलटने का खतरा। एक जगह तो डोली पेड़ से टकरा भी गई लेकिन ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद अनीता का इलाज शुरू हुआ।
n नहीं बदले हालात : ग्रामीणों के मन में और भी घाव हैं। दशकों से सड़क की मांग की जा रही है, पर सुनवाई नहीं। इतना कि मटियोली और ताछनी के लोगों ने 2024 लोकसभा चुनाव का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया।
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फिर भी हालात नहीं बदले। बीमार, गर्भवती, बुजुर्ग सबको इसी जोखिम भरे रास्ते पर जिंदगी और मौत के बीच जूझकर सफर तय करना पड़ता है।
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हर मोड़ पर फिसलने का डर, हर ढलान पर डोली के उलटने का खतरा। एक जगह तो डोली पेड़ से टकरा भी गई लेकिन ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद अनीता का इलाज शुरू हुआ।
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n नहीं बदले हालात : ग्रामीणों के मन में और भी घाव हैं। दशकों से सड़क की मांग की जा रही है, पर सुनवाई नहीं। इतना कि मटियोली और ताछनी के लोगों ने 2024 लोकसभा चुनाव का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया।
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फिर भी हालात नहीं बदले। बीमार, गर्भवती, बुजुर्ग सबको इसी जोखिम भरे रास्ते पर जिंदगी और मौत के बीच जूझकर सफर तय करना पड़ता है।