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Almora News: वर्दी की हठ ने तोड़ी सदियों पुरानी परंपरा
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अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम में बरेली के डीएम अविनाश सिंह के असलहे से लैस गनर के मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने पर विवाद खड़ा हो गया है। पुजारियों ने इसे सदियों पुरानी परंपरा का उल्लंघन बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।
पुजारियों का आरोप है कि विरोध के बावजूद जिलाधिकारी का गनर कार्बाइन लेकर सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देकर गर्भगृह में घुस गया। मंदिर के भीतर हथियार ले जाना परंपरा के खिलाफ है।
पंडित नवीन चंद्र भट्ट, पंडित मनोज भट्ट, पूरन भट्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश भट्ट, पंडित गोपाल भट्ट, पंडित बसंत भट्ट, खीमानंद भट्ट सहित कई लोगों ने इस पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मंदिर के भीतर किसी तरह का खतरा नहीं होता। फिर भी हथियार के साथ प्रवेश करना उचित नहीं है।
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पुजारियों ने कहा कि पीएम से सीएम तक यहां आकर पूजा कर चुके हैं लेकिन गर्भगृह में हथियार नहीं ले जाए गए। उन्होंने इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
वहीं मुख्य पुजारी और महामंडलेश्वर हेमंत भट्ट का कहना है कि पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और भारत सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में इस तरह की वीआईपी परंपरा खत्म होनी चाहिए।
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कोट
लिखित में नियम है कि मंदिर के गर्भगृह में असलहा नहीं ले जा सकते हैं। पुजारियों की बात का सम्मान किया जाएगा। आगे से इस तरह मामला सामने नहीं आए इसको लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं।
अंशुल सिंह, जिलाधिकारी अल्मोड़ा
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मंदिर में आर्म्स ले जाना मना है। यह नियमों के खिलाफ है। मामले की जांच की जाएगी और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
मोहन चंद्र जोशी, अधीक्षक, एएसआई देहरादून मंडल
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फोटो-21एएलएम02पी-गर्भगृह में असलहे के साथ खड़ा डीएम का गनर
फोटो-21एएलएम03पी- मंदिर में पूजा करते बरेली के डीएम अविनाश सिंह
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पुजारियों का आरोप है कि विरोध के बावजूद जिलाधिकारी का गनर कार्बाइन लेकर सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देकर गर्भगृह में घुस गया। मंदिर के भीतर हथियार ले जाना परंपरा के खिलाफ है।
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पंडित नवीन चंद्र भट्ट, पंडित मनोज भट्ट, पूरन भट्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश भट्ट, पंडित गोपाल भट्ट, पंडित बसंत भट्ट, खीमानंद भट्ट सहित कई लोगों ने इस पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मंदिर के भीतर किसी तरह का खतरा नहीं होता। फिर भी हथियार के साथ प्रवेश करना उचित नहीं है।
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पुजारियों ने कहा कि पीएम से सीएम तक यहां आकर पूजा कर चुके हैं लेकिन गर्भगृह में हथियार नहीं ले जाए गए। उन्होंने इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
वहीं मुख्य पुजारी और महामंडलेश्वर हेमंत भट्ट का कहना है कि पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और भारत सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में इस तरह की वीआईपी परंपरा खत्म होनी चाहिए।
कोट
लिखित में नियम है कि मंदिर के गर्भगृह में असलहा नहीं ले जा सकते हैं। पुजारियों की बात का सम्मान किया जाएगा। आगे से इस तरह मामला सामने नहीं आए इसको लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं।
अंशुल सिंह, जिलाधिकारी अल्मोड़ा
मंदिर में आर्म्स ले जाना मना है। यह नियमों के खिलाफ है। मामले की जांच की जाएगी और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
मोहन चंद्र जोशी, अधीक्षक, एएसआई देहरादून मंडल
फोटो-21एएलएम02पी-गर्भगृह में असलहे के साथ खड़ा डीएम का गनर
फोटो-21एएलएम03पी- मंदिर में पूजा करते बरेली के डीएम अविनाश सिंह