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भैसियाछाना का अस्पताल बदहाल
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, धौलछीना (अल्मोड़ा)।
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:54 PM IST
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भैसियाछाना का अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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धौलछीना (अल्मोड़ा)। तीन जिलों की सीमा पर सेराघाट के पास स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसियाछाना में डॉक्टरों के नहीं होने से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। डॉक्टरों में तीन पद पहले से ही खाली हैं। जून में यहां एक डॉक्टर को तैनात किया गया, लेकिन वह मात्र 12 दिन ही उपस्थित रहे। इसके बाद से वह अस्पताल नहीं पहुंचे हैं। डॉक्टरों के न होने से मरीजों को 12 किमी दूर गणाईगंगोली या 70 किमी दूर अल्मोड़ा उपचार लिए जाना पड़ता है।
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बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिले की सीमा पर अल्मोड़ा जिले के सेराघाट कस्बे के पास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसियाछाना स्थित है। यहां तीनों जिलों के मरीज उपचार कराने के लिए आते हैं, लेकिन डॉक्टरों के चारों पदों खाली हैं। तीन पद पहले से ही खाली हैं। एक डॉक्टर ने जून माह में ज्वाइनिंग की, लेकिन तब से वह मात्र 12 दिन ही अस्पताल आए और उनके बारे में कोई जानकारी विभाग को भी नहीं है, हालांकि विभाग ने उनका वेतन रोक दिया है।
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लैब तकनीशियन, हेल्थ एजूकेशन अधिकारी, चौकीदार, लिपिक समेत अन्य पद खाली हैं। लैब तकनीशियन के न होने से मरीजों के परीक्षण नहीं हो पाते। अस्पताल में मात्र फार्मेसिस्ट, वार्डब्वॉय, दो एएनएम, सुपरवाइजर तैनात हैं। अस्पताल की एंबुलेंस पिछले दस साल से जंक खा रही है।
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ड्राइवर भी नहीं है। अस्पताल भवन की छत से पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। दीवारों और अस्पताल के भीतर सीलन है। अस्पताल के लिए बनी पेयजल लाइन से क्षेत्र के ग्रामीणों ने अवैध कनेक्शन लिए हैं। पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के आवास भी बदहाल स्थिति में पहुंच गए हैं, लेकिन उन्हें दुरुस्त नहीं किया जा रहा है।