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Almora News: मतवाला हुआ जंगल का रखवाला, चढ़ा पहाड़ तो आई फलों के राजा की शामत

Mon, 11 May 2026 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Mon, 11 May 2026 10:58 PM IST
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The forest guard became intoxicated, climbed the mountain and the king of fruits met his doom
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। पेड़ों पर आम तैयार होने से पहले बगीचों को जंगल का रखवाले हाथियों की नजर लग गई। गढ़वाल के कालागढ़ क्षेत्र के जंगलों से पहाड़ चढ़कर कुमाऊं पहुंचे मतवाले जंगली हाथी बगीचों के दुश्मन बन गए हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण रातभर मशाल और टॉर्च लेकर पहरा देने को मजबूर हैं।
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सल्ट क्षेत्र की ग्रामसभा बंद्राण बसनाल के अमोड़ी तोक में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कालागढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र से पहुंचे हाथी इन दिनों आम के बगीचों में जमकर उत्पात मचा रहा है। हाथी ने अब तक करीब 20 से 25 आम के पेड़ों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है।
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ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के बगीचों में करीब 150 आम के पेड़ हैं जिनसे हर साल लगभग 250 क्विंटल से अधिक आम की पैदावार होती है। वहीं ग्रामसभा बंद्राण बसनाल और अमोड़ी तोक को मिलाकर 300 से अधिक आम के पेड़ हैं। यहां करीब 600 क्विंटल तक उत्पादन होता है। इस बार हाथियों के लगातार हमलों से फसल प्रभावित होने लगी है।
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हाथियों ने बंद्राण बसनाल निवासी नंदन सिंह तथा अमोड़ी के खुशाल सिंह, पान सिंह नेगी, सुरेंद्र सिंह और रमेश नेगी के बगीचों को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी रात के समय गांव और बगीचों की ओर पहुंच रहा है। उसे भगाने के लिए ग्रामीण पूरी रात पहरा दे रहे हैं। इसके बावजूद लोगों में दहशत बनी हुई है कि कहीं हाथी रिहायशी इलाकों में न घुस जाए। हाथी के आतंक से ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

वन विभाग नहीं बना सका भरोसे की दीवार
ग्रामीणों ने बताया कि 22 जुलाई 2024 को आयोजित बैठक में वन विभाग ने हाथी रोधक दीवार बनाने का आश्वासन दिया था। अब तक इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों ने क्षेत्र में जल्द सुरक्षा इंतजाम करने, हाथी रोधक दीवार बनाने और निगरानी बढ़ाने की मांग उठाई है।


विभागीय टीम को प्रभावित क्षेत्र में गश्त के निर्देश दिए गए हैं। हाथी रोधक दीवार और खाई खुदान का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा। -उमेश पांडे, वन क्षेत्राधिकारी, जौरासी रेंज
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