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Almora News: लापरवाही का करंट... सात दिन तक सिस्टम और माैत से लड़कर हार गए संजय

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Sep 2025 11:07 PM IST
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The current of negligence... Sanjay lost after fighting the system and death for seven days.
रानीखेत (अल्मोड़ा)। संयुक्त परिवार की जिम्मेदारियों का सहारा बने 38 वर्षीय संजय सिंह महरा रविवार को हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गए। सिस्टम की चूक और नियमों आ सख्ती से पालन न होना उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। सात दिन तक जिंदगी और मौत के बीच झूलने के बाद संजय ने एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। लापरवाही के कारण उतरे करंट की वजह से उनके जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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मजखाली क्षेत्र के ग्राम एरोड़ निवासी अस्थायी बिजली कर्मचारी संजय पर जो बीती वह पूरी व्यवस्था की पोल खोलने वाली कहानी है। मजखाली के बिश्मोरिया क्षेत्र में बिजली लाइन दुरुस्त करते समय 16 सितंबर को यह दर्दनाक हादसा हुआ। शटडाउन लेने के बाद जैसे ही संजय पोल पर चढ़े अचानक करंट की चपेट में आ गए। बुरी तरह झुलसने के बाद वह अस्पताल से होते हुए एम्स ऋषिकेश तक पहुंचे लेकिन जिंदगी की डोर टूट गई।
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संजय अविवाहित थे। माता-पिता का सहारा और बड़े भाइयों की मौत के बाद भतीजों की परवरिश भी उन्हीं के कंधों पर थी। अब उनके चले जाने से परिवार गहरे आर्थिक संकट और असहनीय दर्द में डूब गया है।
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रानीखेत क्षेत्र में संजय के निधन से गहरी शोक लहर है। लोग सवाल कर रहे हैं कि कब तक गरीब परिवारों के जवान बेटे ऐसे हादसों में अपनी जान गंवाते रहेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अब ऊर्जा निगम को संवेदनशील होकर कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि किसी और मां की गोद सूनी न हो और किसी परिवार का सहारा न छिने।
विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि शटडाउन लेने के बाद जैसे ही संजय पोल पर चढ़े तो करंट कैसे आ गया। इस जानलेवा लापरवाही की जांच तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा पीड़ित परिवार के भविष्य को देखते हुए

मजबूरी में जोखिम भरा काम

संजय जैसे कई अस्थायी कर्मी रोज़ अपनी जान हथेली पर रखकर ऊंचे खंभों पर चढ़ते हैं। हेलमेट, ग्लव्स या सेफ्टी बेल्ट तक नसीब नहीं होते। बिना सुरक्षा उपकरणों के तारों से जूझना उनकी मजबूरी है। जरा-सी चूक उनकी जिंदगी छीन लेती है। संजय की मौत ने इस लापरवाह व्यवस्था की पोल खोल दी है।


कोट-
घटना की जांच इलेक्ट्रिक इंस्पेक्टर की ओर से की जा रही है। भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू किया जाएगा। मृतक के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा। उनके परिवार के एक सदस्य को ठेकेदार के माध्यम से नौकरी दी जाएगी। ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति को कुछ राहत मिल सके। - आयुष चौहान, एसडीओ, यूपीसीएल, रानीखेत
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