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आठ साल बाद भी नहीं बन सका पुल, मुंह ताकते रह गई 20 हजार की आबादी
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जैगन नदी में यहां बनना है पुल।
- फोटो : ALMORA
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धौलछीना(अल्मोड़ा)। सेराघाट क्षेत्र की 20 हजार आबादी इस मानसून में भी पुल का मुंह ताकते रह गई है। आठ साल से लटके पुल निर्माण से सेराघाट-कुंज किमोला मोटरमार्ग हर बार बरसात में चार से पांच माह के लिए बंद करना पड़ता है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सेराघाट-कुंज किमोली मोटरमार्ग 2013 से निर्माणाधीन है। मोटरमार्ग में सेराघाट की जैगन नदी पर 90 मीटर लंबा पुल प्रस्तावित है। पांच साल पहले पुल को स्वीकृति मिल गई लेकिन अब तक पुल नहीं बन सका। इससे मोटरमार्ग निर्माण कार्य भी अधर में लटक गया है। बरसात के चार महीने नदी उफान पर रहती है। इस कारण इस पर वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ती है।
इन दिनों भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते सभी नदी नाले उफान पर हैं। सेराघाट स्थित सरयू और जैगन नदियों के उफान पर बहने से निचले क्षेत्र के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। जैगन का जलस्तर बढ़ने से इस बार भी सेराघाट- कुंज- किमोला मोटरमार्ग बंद हो गया है। मोटरमार्ग में वाहनों की आवाजाही पूर्ण रुप से ठप हो गई है। आवाजाही बंद होने से ल्वेटा,सलूड़ी, सल्ला भाटकोट, कोट्यूड़ा, ढानखेत, बडुवाटाना, पडोली, मल्ली नाली, तल्ली नाली, कुंजकिमोला, खाडवे, जिंगल, हरड़ा, तल्ला सेराघाट समेत लगभग दो दर्जन गांवों के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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क्षेत्र के कई गांव पुल नहीं बनने से प्रभावित हैं। ग्रामीण तो परेशान हैं ही, आम के सीजन में पुल के बगैर काश्तकारों और व्यापारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। फल सड़ रहा है, सड़क होने के बाद भी पुल के बगैर लोग लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। बरसात के चार माह में विकास पूरी तरह ठप पड़ जाता है। आज तक पुल न बनाया हमारा दुर्भाग्य है। -जगदीश पांडे, पूर्व प्रधान संगठन अध्यक्ष।
सात साल पूर्व मेरे कार्यकाल में सड़क बनी थी। तब से आज तक डबल इंजन की सरकार सरकार जैगन नदी में एक पुल नहीं बना पाई। हर साल गांव में यातायात बंद रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा ने चुनाव में जनता से पुल बनाने का वादा किया लेकिन सरकार वादा भूल गई है। -मनोज तिवारी, पूर्व विधायक।
जैगन नदी में पुल के लिए 8 करोड़ 75 लाख रुपये स्वीकृत हो गए हैं, नदी में 90 मीटर लंबा पुल बनना है। क्षेत्र की समस्या को देखते हुए जल्द ही पुल निर्माण का कार्य शुरू होगा, जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। -रघुनाथ सिंह चौहान, विधानसभा उपाध्यक्ष।
सात सालों से जैगन नदी में एक अदद पुल नहीं होने से 32 किमी मोटरमार्ग का कोई औचित्य नहीं है। पुल के बगैर हर साल मोटरमार्ग बंद कर दिया जाता है। यह क्षेत्र का दुर्भाग्य है। कई बार शासन प्रशासन से मांग की जा चुकी है। -संजय सिंह वाणी, जिला पंचायत सदस्य।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सेराघाट-कुंज किमोली मोटरमार्ग 2013 से निर्माणाधीन है। मोटरमार्ग में सेराघाट की जैगन नदी पर 90 मीटर लंबा पुल प्रस्तावित है। पांच साल पहले पुल को स्वीकृति मिल गई लेकिन अब तक पुल नहीं बन सका। इससे मोटरमार्ग निर्माण कार्य भी अधर में लटक गया है। बरसात के चार महीने नदी उफान पर रहती है। इस कारण इस पर वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ती है।
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इन दिनों भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते सभी नदी नाले उफान पर हैं। सेराघाट स्थित सरयू और जैगन नदियों के उफान पर बहने से निचले क्षेत्र के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। जैगन का जलस्तर बढ़ने से इस बार भी सेराघाट- कुंज- किमोला मोटरमार्ग बंद हो गया है। मोटरमार्ग में वाहनों की आवाजाही पूर्ण रुप से ठप हो गई है। आवाजाही बंद होने से ल्वेटा,सलूड़ी, सल्ला भाटकोट, कोट्यूड़ा, ढानखेत, बडुवाटाना, पडोली, मल्ली नाली, तल्ली नाली, कुंजकिमोला, खाडवे, जिंगल, हरड़ा, तल्ला सेराघाट समेत लगभग दो दर्जन गांवों के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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क्षेत्र के कई गांव पुल नहीं बनने से प्रभावित हैं। ग्रामीण तो परेशान हैं ही, आम के सीजन में पुल के बगैर काश्तकारों और व्यापारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। फल सड़ रहा है, सड़क होने के बाद भी पुल के बगैर लोग लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। बरसात के चार माह में विकास पूरी तरह ठप पड़ जाता है। आज तक पुल न बनाया हमारा दुर्भाग्य है। -जगदीश पांडे, पूर्व प्रधान संगठन अध्यक्ष।
सात साल पूर्व मेरे कार्यकाल में सड़क बनी थी। तब से आज तक डबल इंजन की सरकार सरकार जैगन नदी में एक पुल नहीं बना पाई। हर साल गांव में यातायात बंद रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा ने चुनाव में जनता से पुल बनाने का वादा किया लेकिन सरकार वादा भूल गई है। -मनोज तिवारी, पूर्व विधायक।
जैगन नदी में पुल के लिए 8 करोड़ 75 लाख रुपये स्वीकृत हो गए हैं, नदी में 90 मीटर लंबा पुल बनना है। क्षेत्र की समस्या को देखते हुए जल्द ही पुल निर्माण का कार्य शुरू होगा, जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। -रघुनाथ सिंह चौहान, विधानसभा उपाध्यक्ष।
सात सालों से जैगन नदी में एक अदद पुल नहीं होने से 32 किमी मोटरमार्ग का कोई औचित्य नहीं है। पुल के बगैर हर साल मोटरमार्ग बंद कर दिया जाता है। यह क्षेत्र का दुर्भाग्य है। कई बार शासन प्रशासन से मांग की जा चुकी है। -संजय सिंह वाणी, जिला पंचायत सदस्य।