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नाबालिग से दुष्कर्म में दस साल की सजा
Sat, 30 Mar 2019 11:41 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sat, 30 Mar 2019 11:41 PM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : AMAR UJALA
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विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी सोमेश्वर तहसील निवासी लाल सिंह पुत्र स्व. भीम सिंह को धारा 5/6 पाक्सो एक्ट में दस साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय राज्य सरकार को आदेशित किया है कि पांच लाख रुपये पुनर्वास के लिए पीड़िता को अदा करे।
आरोपी लाल सिंह ने जुलाई 2018 में पीड़िता के घर जाकर उसका शारीरिक और यौन शोषण किया। पीड़िता ने घटना की सूचना मां को दी। इसके बाद पीड़िता की मां ने मामले की जानकारी दिल्ली में पति को 17 सितंबर 2018 को दी। सूचना मिलने पर पीड़िता के पिता 19 सितंबर 2018 को घर पहुंचे। पीड़िता ने बताया कि लाल सिंह ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
इसके बाद पिता ने मामले की प्राथमिकी सोमेश्वर थाने में दर्ज कराई। विवेचना अधिकारी ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल और विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में आठ गवाह पेश कराए। निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग दिया। न्यायाधीश ने पत्रावली में मौजूद मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का परिशीलन कर आरोपी को धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट में दस साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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आरोपी लाल सिंह ने जुलाई 2018 में पीड़िता के घर जाकर उसका शारीरिक और यौन शोषण किया। पीड़िता ने घटना की सूचना मां को दी। इसके बाद पीड़िता की मां ने मामले की जानकारी दिल्ली में पति को 17 सितंबर 2018 को दी। सूचना मिलने पर पीड़िता के पिता 19 सितंबर 2018 को घर पहुंचे। पीड़िता ने बताया कि लाल सिंह ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
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इसके बाद पिता ने मामले की प्राथमिकी सोमेश्वर थाने में दर्ज कराई। विवेचना अधिकारी ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल और विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में आठ गवाह पेश कराए। निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग दिया। न्यायाधीश ने पत्रावली में मौजूद मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का परिशीलन कर आरोपी को धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट में दस साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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