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तहसीलदार को भी बैरंग लौटाया नानीसार के ग्रामीणों ने
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 19 Nov 2015 10:11 PM IST
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नानीसार में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय आवासीय भवन के लिए सरकार द्वारा दी गई भूमि के आवंटन को गलत ठहराते हुए इसके विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी रहा।
ग्रामीणों को मनाने पहुंचे तहसीलदार दामोदर पांडेय की भी आंदोलनकारियों ने एक नहीं सुनी। तहसीलदार ने बताया कि फिलहाल ग्राम प्रधान के खिलाफ इस भूमि की फर्जी एनओसी देने के मामले में जांच बैठा दी गई है।
नानीसार बचाओ संघर्ष समिति और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के बैनर तले द्वारसों में क्रमिक अनशन 11वें दिन में प्रवेश कर गया है। आंदोलन स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों को पहाड़ की भूमि कौड़ियों के भाव दे रही है। यही हालात रहे तो पहाड़ को उजड़ने में देर नहीं लगेगी। जब तक जिंदल ग्रुप के कथित कब्जे को खाली नहीं कराया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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आंदोलनकारियों ने आज वहां पहुंचे तहसीलदार दामोदर पांडेय की भी एक नहीं सुनी। तहसीलदार ने बताया कि ग्राम प्रधान के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। उपराजस्व निरीक्षक महेंद्र रावत इसके जांच अधिकारी होंगे। मालूम हो कि आंदोलनकारी ग्राम प्रधान पर उक्त भूमि की फर्जी एनओसी देने का आरोप लगा रहे थे। 11वें दिन चतुर सिंह बोरा, महिपाल सिंह राणा, खीम राम, प्रताप सिंह राणा, किशन सिंह राणा क्रमिक अनशन पर बैठे।
ग्रामीणों को मनाने पहुंचे तहसीलदार दामोदर पांडेय की भी आंदोलनकारियों ने एक नहीं सुनी। तहसीलदार ने बताया कि फिलहाल ग्राम प्रधान के खिलाफ इस भूमि की फर्जी एनओसी देने के मामले में जांच बैठा दी गई है।
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नानीसार बचाओ संघर्ष समिति और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के बैनर तले द्वारसों में क्रमिक अनशन 11वें दिन में प्रवेश कर गया है। आंदोलन स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों को पहाड़ की भूमि कौड़ियों के भाव दे रही है। यही हालात रहे तो पहाड़ को उजड़ने में देर नहीं लगेगी। जब तक जिंदल ग्रुप के कथित कब्जे को खाली नहीं कराया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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आंदोलनकारियों ने आज वहां पहुंचे तहसीलदार दामोदर पांडेय की भी एक नहीं सुनी। तहसीलदार ने बताया कि ग्राम प्रधान के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। उपराजस्व निरीक्षक महेंद्र रावत इसके जांच अधिकारी होंगे। मालूम हो कि आंदोलनकारी ग्राम प्रधान पर उक्त भूमि की फर्जी एनओसी देने का आरोप लगा रहे थे। 11वें दिन चतुर सिंह बोरा, महिपाल सिंह राणा, खीम राम, प्रताप सिंह राणा, किशन सिंह राणा क्रमिक अनशन पर बैठे।