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आवासीय विवि के छात्रों ने विशेष मशरूम पैदा की
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:04 PM IST
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मशरूम की नई किस्म को प्रदर्शित करते आवासीय विश्वविद्यालय के अधिकारी और छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड आवासीय विवि के अंतर्गत यूआरयू इनोवेशन के सहयोग से बायो ग्रुप के विद्यार्थियों ने विशेष किस्म के मशरूम का उत्पादन शुरू किया है। यह मशरूम खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफी लाभप्रद मानी जा रही है। इसमें सामान्य मशरूम की अपेक्षा प्रोटीन की मात्रा भी काफी अधिक है।
आवासीय विवि में आयोजित एक कार्यक्रम में इस काम में लगे छात्रों ने कुलपति प्रो.एचएस धामी और कुलसचिव डॉ.बिपिन चंद्र जोशी की मौजूदगी में उत्पादित किए गए मशरूम को प्रदर्शित किया। छात्रों की इस टीम ने बताया कि उत्पादित किए गए मशरूम में 46.7 से 82.80 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 1.90 से 8.30 प्रतिशत फैट, 20.90 से 48.80 प्रतिशत फाइवर और 30.93 से 33.48 प्रतिशत तक प्रोटीन उपलब्ध है।
खास तौर पर कुपोषित लोगों के अलावा कैंसर और केलोस्ट्रोल से प्रभावित लोगों के लिए यह मशरूम काफी उपयोगी है। कुलपति प्रो.धामी और कुलसचिव डॉ. बिपिन जोशी ने कहा कि मशरूम उत्पादन से पहाड़ के लोग अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।
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इस काम को करने में जुटे छात्रों और सहयोगी टीम के सदस्यों ने कहा कि वह गांव-गांव जाकर लोगों को मशरूम उत्पादन के तरीके बताएंगे। उत्पादित माल की बिक्री के लिए बाजार भी उपलब्ध कराएंगे। भविष्य में मेडिसनल मशरूम उगाने की योजना भी बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि इस कार्य में डॉ. पीएस नेगी, संजय तिवारी, सूरज मेहरा, दीपक पांडे आदि का सहयोग रहा है। इस मौके पर उक्त लोगों के अलावा प्रमुख तकनीकी अधिकारी अनिवेश जोशी, रवींद्र कुमार, विनीता लटवाल, ललित कनवाल, साकेत फुलारा, धर्मेंद्र टोपाल, अनन्या जोशी, ममता नेगी आदि मौजूद थे।
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आवासीय विवि में आयोजित एक कार्यक्रम में इस काम में लगे छात्रों ने कुलपति प्रो.एचएस धामी और कुलसचिव डॉ.बिपिन चंद्र जोशी की मौजूदगी में उत्पादित किए गए मशरूम को प्रदर्शित किया। छात्रों की इस टीम ने बताया कि उत्पादित किए गए मशरूम में 46.7 से 82.80 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 1.90 से 8.30 प्रतिशत फैट, 20.90 से 48.80 प्रतिशत फाइवर और 30.93 से 33.48 प्रतिशत तक प्रोटीन उपलब्ध है।
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खास तौर पर कुपोषित लोगों के अलावा कैंसर और केलोस्ट्रोल से प्रभावित लोगों के लिए यह मशरूम काफी उपयोगी है। कुलपति प्रो.धामी और कुलसचिव डॉ. बिपिन जोशी ने कहा कि मशरूम उत्पादन से पहाड़ के लोग अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।
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इस काम को करने में जुटे छात्रों और सहयोगी टीम के सदस्यों ने कहा कि वह गांव-गांव जाकर लोगों को मशरूम उत्पादन के तरीके बताएंगे। उत्पादित माल की बिक्री के लिए बाजार भी उपलब्ध कराएंगे। भविष्य में मेडिसनल मशरूम उगाने की योजना भी बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि इस कार्य में डॉ. पीएस नेगी, संजय तिवारी, सूरज मेहरा, दीपक पांडे आदि का सहयोग रहा है। इस मौके पर उक्त लोगों के अलावा प्रमुख तकनीकी अधिकारी अनिवेश जोशी, रवींद्र कुमार, विनीता लटवाल, ललित कनवाल, साकेत फुलारा, धर्मेंद्र टोपाल, अनन्या जोशी, ममता नेगी आदि मौजूद थे।