Almora Students Protest: फिर छत पर चढ़े छात्र...भारी फोर्स तैनात, शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
छात्रसंघ चुनाव को लेकर दायर जनहित याचिका हाईकोर्ट की ओर से निरस्त करने की खबर मिलते ही एसएसजे परिसर छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा।
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छात्रसंघ चुनाव को लेकर दायर जनहित याचिका हाईकोर्ट की ओर से निरस्त करने की खबर मिलते ही एसएसजे परिसर छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे और प्रशासनिक भवन की छत पर चढ़ कर हंगामा करने लगे। सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। देर रात तक छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना जारी था। पूरे परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। यहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
छात्रसंघ चुनाव के कार्यक्रम जारी करने की मांग को लेकर एसएसजे परिसर में दो दिन पूर्व भी छात्रों ने पेट्रोल से भरीं बोतलों के साथ कॉलेज की छत पर चढ़कर हंगामा किया था। बृहस्पतिवार को सुबह से ही सभी छात्र-छात्राओं की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर लगी थी। दोपहर बाद जैसे ही याचिका रद्द होने की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विवि परिसर में एकत्र होकर सरकार पर छात्रों के मौलिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाने लगे।
प्रशासनिक भवन पहुंचकर कई छात्रों ने छत और पॉर्च की छत पर चढ़कर हंगामा किया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। सरकार, शिक्षा मंत्री और विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे छात्र रात करीब पौने नौ बजे उतरे और प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठे गए। उनका कहना है कि छात्रों के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा। अब छात्रों की ओर से शुक्रवार को शहर में रैली निकालने की घोषणा की गई है। एसएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर विवि परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहां आशीष जोशी अमित बिष्ट, संजू सिंह, पंकज कार्की, राहुल धामी, बाल विक्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह धामी समेत अन्य छात्र मौजूद थे।
परीक्षाओं के करेंगे बहिष्कार
प्रशासनिक भवन के प्रांगण में हुई आम सभा में सभी संगठनों ने चुनाव तिथि जारी नहीं होने तक विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन और परिसर को बंद करने का निर्णय लिया। इस दौरान आज से परिसर में चल रही एक्स, बैक और प्रयोगात्मक परीक्षाओं का बहिष्कार करने का भी फैसला लिया गया।
राज्य सरकार की छात्र शक्ति को दबाने की साजिश को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित नहीं होने तक छात्र-छात्राओं का संघर्ष जारी रहेगा।
- अमित बिष्ट, संभावित प्रत्याशी छात्रसंघ अध्यक्ष।
छात्रसंघ चुनाव सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है, यह हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों की आधारशिला है। आज ये अधिकार छात्र- छात्राओं से छीनने का कोशिश की जा रही है। इससे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
- भूमिका गैलाकोटी, संभावित प्रत्याशी छात्रा उपाध्यक्ष।