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भूख से मौत की बात पहाड़ की संवेदनाओं पर प्रहार: पुष्पेश
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 18 Apr 2017 10:19 PM IST
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उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा है कि खजुरानी गांव में 17 वर्षीय बालिका की मौत को राजनीति कर गलत दिशा में मोड़ा जा रहा है। कहा कि यह परिवार लंबे समय से विकलांगता और बीमारी से जूझ रहा है, इसके लिए कई बार शासन-प्रशासन को भी आगाह किया गया था, उन्होंने स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के माध्यम से आर्थिक सहायता मंजूर कराई थी। परिवार की बेहतरी के लिए सभी को मिलजुलकर प्रयास करने चाहिए।
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त्रिपाठी ने कहा है कि भूख से मौत की बात पहाड़ की संवेदनाओं को कठघरे में खड़ा करती है। पहाड़ में तमाम दिक्कतों के बावजूद आपसी सहयोग रहता है। भूख से मरने की खबर चौंकाने वाली है, क्योंकि यह परिवार लंबे समय से विकलांगता और बीमारी से जूझ रहा है, इस बीमारी से वहां पहले भी मौत हो चुकी है। इसके बावजूद शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की तंद्रा नहीं टूटना दुर्भाग्यपूर्ण है। परिवार की हालत को देखते हुए आठ माह पहले उन्होंने मुख्यमंत्री से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मांगी थी, सीएम ने 50 हजार रुपये स्वीकृत किए थे। उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीति रंग देने से कोई फायदा नहीं है। भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए सभी को मिलजुलकर प्रयास करने चाहिए।
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