रानीखेत (अल्मोड़ा)। तमाम जतन करने के बावजूद पर्यटन नगरी की बाजार को लावारिस जानवरों से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। जानवरों की संख्या कम होने के बजाए बढ़ती जा रही है। लावारिस कुत्तों ने भी नगर का माहौल बिगाड़कर रख दिया है। जानवर बाजार में जहां यातायात प्रभावित कर रहे हैं, वहीं कुत्ते लोगों पर झपटने को तैयार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
नगर में लावारिस जानवरों की समस्या नई नहीं है। छावनी परिषद के अभियान के बावजूद अनुपयोगी पशुओं को बाजार की तरफ खदेड़ने से ग्रामीण बाज नहीं आते। पशुुओं की पहचान के लिए कान में टैग भी किया गया है। वर्तमान में भी कई पालतू पशु बाजार में घूमते दिखाई दे रहे हैं। छावनी परिषद के स्वच्छता निरीक्षक अजय प्रताप सिंह का कहना है कई गो सदन केंद्रों में वार्ता की गई, लेकिन वहां केंद्र खाली नहीं हैं। जिस कारण दिक्कतें हैं। लावारिस कुत्तों के बधियाकरण का कार्य भी किया जाता है। व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष चौधरी ने छावनी परिषद से तत्काल जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।