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श्री राम विद्या मंदिर को गोद लेगा हंस फाउंडेशन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:17 AM IST
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हंस फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। ताकुला ब्लॉक के डोटियालगांव स्थित श्री राम विद्या मंदिर को हंस कल्चरल सेंटर और फाउंडेशन जल्द ही गोद लेगा। शिक्षकों के वेतन, फीस, बच्चों की ड्रेस आदि में आने वाले 65 लाख प्रतिवर्ष की धनराशि संस्था स्वयं वहन करेगी। हल्द्वानी स्थित कैंसर अस्पताल को भी संस्था गोद लेकर उच्चस्तरीय सुविधाएं नि:शुल्क मुहैया कराएगी।
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फाउंडेशन के उत्तराखंड प्रभारी प्रमेंद्र सिंह बिष्ट ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य से ही पहाड़ों से हो रहे पलायन पर अंकुश लग सकता है। इसलिए संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए 23 राज्यों में काम कर ही है। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा देघाट के पास वारंगल गांव में 10वीं तक के स्कूल को तीन साल से ही गोद लिया है।
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अब डोटियालगांव के श्रीराम विद्या मंदिर को गोद लेने की प्रक्रिया चल रही है। दो महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। संस्था स्कूल के शिक्षकों का वेतन, बच्चों की फीस, कपड़े, जूते, कापी, किताब समेत अन्य खर्च स्वयं उठाएगी। इसमें हर साल 65 लाख से अधिक का खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा राज्य में कई स्थानों पर अस्पताल भी बनाए जा रहे हैं।
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संस्था के पैनल में 200 से अधिक विदेशी डॉक्टर हैं। जरूरत पड़ने पर यही चिकित्सक लोगों को सेवा देंगे। बिष्ट ने बताया कि सुशीला तिवारी कैंसर अस्पताल हल्द्वानी को संस्था के अधीन करने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार की ओर से हो रही देरी के चलते काम अधर में है। यदि यह अस्पताल संस्था के अधीन आ जाता है तो यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं नि:शुल्क मुहैया कराई जाएंगी।
अस्पताल बन जाने पर राज्य के कैंसर रोगियों को उपचार के लिए फिर दिल्ली, मुंबई आदि महानगरों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 23 हजार युवाओं, बच्चों को वजीफा दिया जा रहा है। जरूरतमंदों को प्रतिमाह 70 लाख से अधिक रुपये पेंशन बांटी जा रही है। 50 लाख की लागत से पत्रकार कल्याण कोष बनाया गया है।
संस्था ने आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पांच वाहन बुधवार को ही सीएम के आवास में राज्य को समर्पित किए हैं। जल्द ही 16 अन्य वाहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। अल्मोड़ा के बल्ढोटी कुष्ठ आश्रम में रह रहे रोगियों और उनके परिवारों को संस्था राशन दिला रही है।
साथ ही हर परिवार में मुखिया को पेंशन भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य निस्वार्थ समाज सेवा है। संस्था का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी ने भी संस्था की सराहना की।