Exclusive News: जल्द होंगे वीणाधारी शिव की मूर्ति के दर्शन, जमीन में दबी मिली थी 1200 वर्ष पुरानी ये प्रतिमा
दुर्लभ वीणाधारी शिव की मूर्ति अब जीबी पंत संग्रहालय की शोभा बढ़ाएगी। जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर सोमेश्वर स्थित सोमनाथ मंदिर से इसे म्यूजियम में लाया गया है। संस्कृति विभाग ने इसे अपने संरक्षण में ले लिया है।
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नवीं शताब्दी की ऐतिहासिक और दुर्लभ वीणाधारी शिव की मूर्ति अब जीबी पंत संग्रहालय की शोभा बढ़ाएगी। जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर सोमेश्वर स्थित सोमनाथ मंदिर से इसे म्यूजियम में लाया गया है। संस्कृति विभाग ने इसे अपने संरक्षण में ले लिया है। भगवान शिव की 1200 वर्ष पुरानी इस मूर्ति की खास बात यह है कि इसमें भगवान शिव वीणा धारण किए हुए हैं, जो दुर्लभ है। आम तौर पर मूर्तियों में शिव त्रिशूल, नाग और डमरू के साथ नजर आते हैं।
निर्माण कार्य के दौरान जमीन में दबी मिली थी
सोमनाथ मंदिर के समीप एक व्यक्ति को भवन निर्माण कार्य के दौरान खोदाई में यह ऐतिहासिक मूर्ति मिली थी। उस व्यक्ति ने इसे मंदिर परिसर में रखवा दिया था। खंडित होने की वजह से यह यहीं रखी हुई थी। जानकारी मिलने पर संग्रहालय प्रभारी जन्मेजय तिवारी, चंद्रशेखर उपाध्याय, किशन किशोर और अर्जुन सिराड़ी ने इसे अपने संरक्षण में ले लिया।
संस्कृति विभाग की पहल पर इसे संग्रहालय में लाया गया है। केमिकल ट्रीटमेंट के बाद इसे आमजन के दर्शन के लिए रखा जाएगा। देश-विदेश से यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को अल्मोड़ा के इतिहास को करीब से जानने का मौका मिलेगा। - डॉ. चंद्र सिंह चौहान, प्रभारी निदेशक, जीबी पंत संग्रहालय, अल्मोड़ा